ब्रिटेन के लड़ाकू विमान ‘एफ-35 बी’ ने मरम्मत के बाद केरल से पुन: भरी उड़ान

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 22 Jul 2025 07:33 PM
ब्रिटेन के लड़ाकू विमान ‘एफ-35 बी’ ने मरम्मत के बाद केरल से पुन: भरी उड़ान
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तिरुवनंतपुरम. केरल में एक महीने पहले तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतारा गया ब्रिटेन का लड़ाकू विमान ‘एफ-35 बी’ मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मंगलवार को स्वदेश लौट गया. हवाई अड्डे के सूत्रों ने यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि यह विमान पूर्वाह्न 10 बजकर 50 मिनट पर आस्ट्रेलिया के डार्विन के लिए रवाना हुआ.

ब्रिटिश उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा, “14 जून को आपात स्थिति में उतारा गया ब्रिटेन का लड़ाकू विमान ‘एफ-35 बी’ आज तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हो गया. छह जुलाई से तैनात ब्रिटेन की एक इंजीनियरिंग टीम ने मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी की, जिससे यह विमान फिर से सक्रिय सेवा में लौट सका.” एक बयान में प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन मरम्मत प्रक्रिया के दौरान भारतीय अधिकारियों और हवाईअड्डे की टीम के समर्थन एवं सहयोग के लिए बहुत आभारी है.

प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि ब्रिटेन भारतीय अधिकारियों और हवाई अड्डे की टीम के सहयोग और समर्थन के लिए बहुत आभारी है, जिन्होंने विमान की मरम्मत और उसके ठीक होने में पूरा साथ दिया. बयान में प्रवक्ता ने कहा, “हम भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए तत्पर हैं.” सोमवार को जेट को ‘हैंगर’ से बाहर लाकर हवाई अड्डे के ‘बे’ में रखा गया. हैंगर का मतलब एक तरह का ढांचा होता है, जहां विमान रखे जाते हैं और हवाई अड्डे का ‘बे’ एक ऐसा क्षेत्र है जहां विमानों को खड़ा किया जाता है और यात्री विमान में चढ़ते या उतरते हैं.

सूत्रों ने बताया कि लड़ाकू विमान की मरम्मत करने वाले ब्रिटेन के इंजीनियरों की 14 सदस्यीय टीम बुधवार को एक विशेष विमान ‘ग्लोबमास्टर’ से रवाना होगी. उन्होंने बताया कि ब्रिटेन के लड़ाकू विमान को पूरे प्रवास के दौरान एअर इंडिया के ‘हैंगर’ में रखा गया था.
हालांकि हवाईअड्डा सूत्रों ने पुष्टि की कि लैंडिंग शुल्क, दैनिक किराया और पार्किंग शुल्क के रूप में पांच-छह लाख रुपये का भुगतान किया गया है. हालांकि एअर इंडिया को कोई भुगतान हुआ या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी. ब्रिटेन की नौसेना का ‘एफ-35बी लाइटनिंग लड़ाकू’ विमान उनके सबसे आधुनिक विमानों के बेड़े में शामिल है.

दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में से एक माने जाने वाले इस विमान की कीमत 11 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है.
तकनीकी खराबी आने के बाद 14 जून से यह विमान यहां अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर खड़ा था. यह विमान 14 जून को ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ से उड़ान भरने के बाद प्रतिकूल मौसम के कारण विमानवाहक पोत पर वापस नहीं लौट सका. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इसे तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया, जहां इसे सुरक्षित रूप से उतार लिया गया.

इसके बाद, जमीन पर रहते हुए विमान में तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गई, जिसकी वजह से उसके लौटने में देरी हुई. ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ के अभियंताओं ने विमान का निरीक्षण किया और यह तय किया कि इसके लिए ब्रिटेन की इंजीनियरिंग टीम की सहायता की आवश्यकता है. ब्रिटेन ने विमान को रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा में ले जाने के लिए भारत के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.

यह सुनिश्चित करने के लिए कि हवाई अड्डे के सामान्य संचालन में न्यूनतम व्यवधान हो, यह निर्णय लिया गया कि विमान को तभी स्थानांतरित किया जाएगा जब ब्रिटेन की इंजीनियरिंग टीम विशेष उपकरणों के साथ यहां पहुंच जाएगी. तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ब्रिटेन की नौ सेना के लड़ाकू विमान को आपात स्थिति में उतारा जाना न केवल सोशल मीडिया पर अनगिनत ‘मीम्स’ का विषय बना, बल्कि केरल पर्यटन के लिए एक अनूठा अवसर भी बन गया.

केरल पर्यटन विभाग द्वारा सोशल मीडिया मच ‘एक्स’ पर साझा किया गया एक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस पोस्टर में नारियल के पेड़ों और हरियाली के बीच एक कलात्मक अंदाज. में लड़ाकू विमान खड़ा हुआ दिखाई दे रहा था. पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “केरल इतनी अद्भुत जगह है, मैं यहां से जाना ही नहीं चाहता.”

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