लंदन. ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ के लिए नवनिर्वाचित भारतीय मूल के सांसद देश के प्रति वफादारी के प्रतीक के रूप में महाराजा के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ले रहे हैं. इसके लिए उन्होंने धार्मिक ग्रंथों पर हाथ रखकर शपथ ली. शैलेश वारा द्वारा स्पीकर लिंडसे होयल को ‘भगवद् गीता’ की एक नयी प्रति भेंट की गई. शैलेश वारा कंजर्वेटिव पार्टी के पूर्व सांसद हैं, जो पिछले सप्ताह के आम चुनाव में कै्ब्रिरजशर सीट से हार गए थे. मंगलवार को शपथ लेने वाले पहले ब्रिटिश भारतीय सांसदों में ऋषि सुनक भी शामिल थे, जिन्होंने विपक्ष के नेता के रूप में शपथ ली.
पूर्व प्रधानमंत्री सुनक ने परम्परागत पाठ पढ़ा: ह्लमैं सर्वशक्तिमान ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं कानून के अनुसार महामहिम महाराजा चार्ल्स, उनके उत्तराधिकारियों और आने वाली पीढि.यों के प्रति वफादार रहूंगा और सच्ची निष्ठा रखूंगा. इसलिए ईश्वर मेरी मदद करें.ह्व पहली बार सांसद बने भारतीय मूल के कनिष्क नारायण ने अपनी शपथ के लिये ‘गीता’ को चुना. वह वेल ऑफ ग्लामोरगन सीट से लेबर पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते हैं. लीसेस्टर से चुनाव जीतने वाली भारतीय मूल की शिवानी राजा ने भी ‘गीता’ पर हाथ रखकर शपथ ली.
लंदन में हैरो ईस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख कंजर्वेटिव नेता और ब्रिटिश हिंदुओं के लिए ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (एपीपीजी) की अध्यक्षता कर चुके बॉब ब्लैकमैन ने अपने शपथ ग्रहण में ‘गीता’ और ‘किंग जेम्स बाइबल’ दोनों को साथ रखने का निर्णय लिया.
कुछ ब्रिटिश सिख सांसदों जैसे तन ढेसी और पहली बार सांसद बने गुरिंदर सिंह जोसन, हरप्रीत उप्पल, सतवीर कौर और वरिंदर सिंह जस ने सिख धर्मग्रंथों की शपथ लेने का विकल्प चुना. प्रीत कौर गिल ने शपथ ग्रहण के दौरान कपड़े में लिपटा ‘सुंदर गुटका’ हाथ में थाम रखा था.