नयी दिल्ली. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक अपने भारतीय सास-ससुर के साथ खाने की मेज पर क्या चर्चा करते हैं? भारतीय राजनीति या ब्रिटेन के शासन की चुनौतियां? इनमें से कोई नहीं; जवाब है- क्रिकेट. सुनक ने पीटीआई-भाषा’ को दिये एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ” हम क्रिकेट को लेकर चर्चा में सबसे ज्यादा राजनीतिक होते हैं. मैं इस बात से सहमत हूं कि जब क्रिकेट की बात आती है तो मेरी बेटियां भारत का समर्थन कर सकती हैं, जिस प्रकार वे फुटबॉल को लेकर इंग्लैंड का समर्थन करती हैं!” सुनक के माता-पिता भारतीय मूल के हैं और वे पूर्वी अफ्रीका से ब्रिटेन आए थे. उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति भारत की मशहूर प्रौद्योगिकी हस्ती नारायण मूर्ति और परोपकारी सुधा मूर्ति की पुत्री हैं.
नयी दिल्ली में 9-10 सितंबर को आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की अपनी यात्रा से कुछ दिन पहले ईमेल के जरिए एक साक्षात्कार में, सुनक ने बुधवार को कहा कि उनके प्रधानमंत्री बनने पर भारतीय लोगों की प्रतिक्रिया जबरदस्त और स्नेहपूर्ण थी.
उन्होंने कहा, “मुझे अपनी भारतीय जड़ों और भारत से अपने संबंधों पर काफी गर्व है. जैसा कि आप जानते हैं, मेरी पत्नी भारतीय हैं और एक गौरवान्वित हिंदू होने का अर्थ है कि भारत और भारत के लोगों से मेरा हमेशा जुड़ाव रहेगा.” कंजर्वेटिव पार्टी के 43 वर्षीय नेता सुनक पहली बार 2015 में सांसद चुने गए थे. तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने फरवरी 2020 में उन्हें वित्त मंत्री नियुक्त किया था.
ब्रिटेन में किसी तरह का उग्रवाद स्वीकार्य नहीं: सुनक ने खालिस्तान के मुद्दे पर कहा
ब्रिटेन में खालिस्तानी समर्थक तत्वों की गतिविधियों को लेकर भारत की चिंताएं दूर करने का प्रयास करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को कहा कि किसी भी तरह का उग्रवाद स्वीकार्य नहीं हैं और वैध विरोध के अधिकार को हिंसक या धमकी भरे व्यवहार तक नहीं ले जाया जा सकता.
सुनक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा कि वह हिंसक, विभाजनकारी विचारधाराओं, वे चाहे जिस तरह की हों, उन पर काबू पाने और उनका मुकाबला करने के सरकार के कर्तव्य को काफी गंभीरता से लेते हैं. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन खालिस्तान समर्थक उग्रवाद के खतरे से निपटने के लिए भारत सरकार में अपने साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है. ब्रिटेन में खालिस्तानी समर्थक तत्वों की गतिविधियों को लेकर, खासतौर पर मार्च में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पर हमले के बाद भारत में चिंताएं बढ़ गयी हैं.
सुनक के ये बयान जी20 सम्मेलन में शामिल होने के लिए उनकी भारत यात्रा से कुछ दिन पहले आये हैं. उन्होंने कहा, ”ब्रिटेन में किसी तरह का उग्रवाद स्वीकार्य नहीं हैं और मैं हिंसक, विभाजनकारी विचारधाराओं, चाहे वे कैसी भी हों, उन पर काबू पाने और उनसे मुकाबला करने के सरकार के कर्तव्य को बहुत गंभीरता से लेता हूं.” सुनक ने कहा, ”हम खालिस्तान समर्थक उग्रवाद के खतरे से निपटने के लिए भारत सरकार में हमारे साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और ब्रिटेन की पुलिस हिंसक गतिविधियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम है.
ऋषि सुनक को भारत के साथ एक आधुनिक, दूरदर्शी मुक्त व्यापार समझौते की उम्मीद
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को कहा कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए अब कुछ रास्ता और तय करना है. सुनक ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि समझौता ”दूरदर्शी” तथा ”आधुनिक” होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता दोनों देशों के हित में होगा और इससे 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने की साझा महत्वाकांक्षा को पूरा करने में मदद मिलेगी.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने पीटीआई-भाषा के साथ विशेष साक्षात्कार में कहा कि व्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को ब्रिटेन के बाजार तक पहुंच हासिल करने में मदद मिल सकती है, जिसमें भारत के 4.8 करोड़ लघु एवं मझोले उद्यम भी शामिल हैं.
सुनक ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री हैं.
उन्होंने कहा, ” एक आधुनिक, दूरदर्शी मुक्त व्यापार समझौता हमें 2030 तक ब्रिटेन-भारत व्यापार को दोगुना करने की हमारी साझा महत्वाकांक्षा की राह पर मजबूती से आगे बढ़ा सकता है.” प्रधानमंत्री सुनक ने ‘पीटीआई-भाषा’ के सवालों का जवाब ईमेल के जरिये दिया. भारत और ब्रिटेन वर्तमान में महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव के नए द्वार खुलने की उम्मीद है.
जी20 की अध्यक्षता के लिए भारत “सही समय” पर “सही देश” : ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को कहा कि भारत की विविधता और उसकी असाधारण सफलताओं का अर्थ है कि जी20 की अध्यक्षता के लिए वह “सही समय” पर “सही देश” है. इसके साथ ही सुनक ने नरेन्द्र मोदी के पिछले साल के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि भारत को जी20 की अध्यक्षता ऐसे समय मिली जब विश्व कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति ऋषि सुनक ने 9-10 सितंबर को यहां आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले, पीटीआई- भाषा को दिए विशेष साक्षात्कार में कहा कि ब्रिटेन और भारत के संबंध दोनों देशों के वर्तमान से भी अधिक, उनके भविष्य को परिभाषित करेंगे.
उन्होंने कहा, ”भारत का आकार, विविधता और इसकी असाधारण सफलताओं का अर्थ है कि यह जी20 की अध्यक्षता के लिए सही समय पर सही देश है. मैं पिछले वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करता हूं और भारत जिस प्रकार वैश्विक नेतृत्व कर रहा है, उसे देखना अद्भुत है.” प्रधानमंत्री सुनक ने ”पीटीआई-भाषा” के सवालों के ईमेल से भेजे गए जवाब में कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने से लेकर जलवायु परिवर्तन से निपटने तक विश्व की मौजूदा प्रमुख चुनौतियों का सामना करने के लिए हम जी20 की अध्यक्षता के जरिए भारत के साथ मिलकर काम करेंगे.” ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने यूक्रेन पर रूसी हमले का भी जिक्र किया और कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को किसी संप्रभु पड़ोसी देश पर हमला करने की अनुमति दी गई, तो पूरी दुनिया के लिए इसके “भीषण परिणाम” होंगे.