कनाडाई सिख नेता ने RSS पर प्रतिबंध लगाने, भारतीय राजनयिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 16 Oct 2024 09:13 PM
कनाडाई सिख नेता ने RSS पर प्रतिबंध लगाने, भारतीय राजनयिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
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वाशिंगटन. कनाडा के राष्ट्रीय पुलिस बल ‘रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस’ (आरसीएमपी) द्वारा भारतीय राजनयिकों पर एक सिख अलगाववादी की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद मंगलवार को कनाडा के सिख नेता जगमीत सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय राजनयिकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. सिंह ‘न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी’ (एनडीपी) के नेता हैं, जिसने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सत्तारूढ. सरकार का पूर्व में समर्थन किया था.

भारत ने सिख अलगाववादी नेता की हत्या के मामले में कनाडा के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि कनाडा आतंकवादी समूहों को पनाह दे रहा है तथा अलगाववादी गतिविधियों को बढ.ावा दे रहा है. एनडीपी नेता जगमीत सिंह खालिस्तान समर्थक रुख के लिए जाने जाते हैं. सिंह ने ओटावा में एक संवाददाता सम्मेलन में सार्वजनिक सुरक्षा समिति के साथ आपातकालीन बैठक का अनुरोध किया ताकि यह बेहतर ढंग से समझा जा सके कि क्या वे कनाडाई लोगों की सुरक्षा के लिए कोई और कदम उठा सकते हैं.

सिंह ने कहा, ”हम मांग करते हैं कि ‘लिबरल पार्टी’ के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय राजनयिकों पर कड़े प्रतिबंध लगाए और भारत के हिंसक, उग्रवादी, आतंकवादी भारतीय संगठन आरएसएस को बाहर निकाले, जो कनाडा और अन्य देशों में भी सक्रिय है.” उन्होंने कहा, ”ये बहुत गंभीर आरोप हैं. यही बात सामने आई है कि भारत सरकार, विशेष कर (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी की सरकार कनाडा में राजनयिकों के माध्यम से आपराधिक तत्वों से जुड़ी हुई है जिन्होंने कनाडावासियों के घरों पर गोलीबारी की, कनाडाई लोगों के कारोबारी प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी की, कनाडाई लोगों की हत्या की. यह बहुत गंभीर है.”

भारत निज्जर मामले की जांच में कनाडा के साथ सहयोग नहीं कर रहा: अमेरिका
अमेरिका ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारत पिछले साल एक सिख अलगाववादी की हत्या के मामले में कनाडा की जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”कनाडा के मामले की बात करें तो हमने स्पष्ट कर दिया है कि आरोप बेहद गंभीर हैं और उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए. हम चाहते थे कि भारत सरकार कनाडा के साथ जांच में सहयोग करे. जाहिर है, उन्होंने वह रास्ता नहीं चुना है.” कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक दिन पहले आरोप लगाया था कि पिछले साल जून में सरे में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के अधिकारी शामिल थे.

ट्रूडो ने आरोप लगाया, ”देश के राष्ट्रीय पुलिस बल रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) के पास स्पष्ट और पुख्ता सबूत हैं कि भारत सरकार के एजेंट ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और अब भी शामिल हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं. इसमें गुप्त सूचना एकत्र करने की तकनीकें, दक्षिण एशियाई कनाडाई लोगों को निशाना बनाने वाला बलपूर्वक व्यवहार और हत्या सहित एक दर्जन से अधिक धमकी भरे और हिंसक कृत्यों में शामिल होना शामिल है. यह अस्वीकार्य है.” इन आरोपों को खारिज करते हुए भारत ने न केवल कनाडा से अपने उच्चायुक्त को वापस बुला लिया, बल्कि नयी दिल्ली से उसके छह राजनयिकों को भी निष्कासित कर दिया.

भारत ने कहा है कि वह अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश के आरोपों को गंभीरता से ले रहा है: अमेरिका
अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि भारत का कहना है कि वह एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश के आरोपों को गंभीरता से ले रहा है. अमेरिका आए भारतीय अधिकारियों की एक टीम ने यहां विदेश मंत्रालय और विधि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर मुलाकात की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”मेरे पास बैठक की विस्तृत जानकारी अभी नहीं हैं. बैठक भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पिछले कई महीनों से जारी हमारी बातचीत के संदर्भ में आयोजित की गई थी.” मिलन ने एक सवाल के जवाब में कहा, ”उन्होंने हमें बताया है कि वे आरोपों को गंभीरता से ले रहे हैं और विधि मंत्रालय के अभियोग में शामिल गतिविधियां सरकारी नीति का प्रतिनिधित्व नहीं करती हैं.”

उन्होंने कहा, ”इसलिए भारतीय अधिकारियों के साथ इस सप्ताह जो बैठक हुई या जो आज होने वाली है, उसका उद्देश्य मामले में उनकी सक्रिय जांच पर चर्चा करना है, उन्हें मामले में हमारी सक्रिय जांच के बारे में अद्यतन जानकारी देना है तथा आने वाले दिनों एवं सप्ताहों में उठाए जा सकने वाले कदमों के बारे में पक्षकारों को जानकारी देना है.” यह टिप्पणी ऐसे समय में की गई जब एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी अधिकारी की संलिप्तता के अमेरिकी आरोपों की जांच के संदर्भ में गठित भारतीय जांच समिति मंगलवार को यहां पहुंची.

अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने पिछले साल नवंबर में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ मिलकर काम करने का आरोप लगाया था. गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था और 14 जून को उसे अमेरिका प्र्त्यियपत किया गया था. भारत ने इन आरोपों को खारिज किया है लेकिन उसने मामले की जांच के लिए एक अंतरिम जांच टीम गठित की है. मिलर ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि भारत अमेरिका का मजबूत साझेदार बना रहेगा.

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