जींद. संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार नीलम देवी के यहां स्थित आवास पर दिल्ली पुलिस की टीम ने तलाशी ली और अपने साथ बैंक पासबुक और पुस्तकों के अलावा कुछ अन्य दस्तावेज ले गई. आरोपी के परिवार के सदस्यों ने यह जानकारी दी.
जिले के घसो खुर्द गांव निवासी नीलम के भाई रामनिवास ने सोमवार को बताया कि पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस की एक टीम रविवार रात करीब 11 बजे उनके घर पहुंची और उनके मकान की करीब आंधे घंटे तक तलाशी ली.
उन्होंने बताया कि पुलिस ने नीलम के तीन बैंक खातों की पासबुक तथा एक एटीएम कार्ड जब्त कर लिया. रामनिवास ने बताया कि पुलिस की टीम बेड में रखी कुछ पुस्तकें और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का उसका पहचान पत्र भी अपने साथ ले गई. उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस के कर्मी भी थे और उन्होंने नीलम के कमरे के अलावा अन्य कमरों की भी तलाशी ली.
जींद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुमित कुमार ने भी पुष्टि की है कि दिल्ली पुलिस की टीम कल रात नीलम के घर पहुंची थी. नीलम इस समय हरियाणा लोकसेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए हिसार स्थित एक पीजी में रह रही थीं. नीलम के पिता कोहर सिंह उचाना मंडी में हलवाई का काम करते हैं, जबकि नीलम के परिवार में उसकी तीन बहनें, दो भाई और माता-पिता हैं.
दिल्ली पुलिस ने संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में कथित संलिप्तता के लिए अब तक नीलम समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, ललित झा और महेश कुमावत शामिल हैं. आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए थे और उन्होंने एक डिब्बे(कनस्तर) से पीला धुआं उड़ाते हुए नारेबाजी की, लेकिन इसके बाद सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया था. लगभग उसी समय संसद भवन के बाहर दो अन्य आरोपियों अमोल शिंदे और नीलम देवी ने कथित तौर पर डिब्बे से रंगीन धुआं फैलाते हुए ”तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए थे.
संसद सुरक्षा चूक : पुलिस ने आरोपियों के फेसबुक पेज, खातों का विवरण मेटा से मांगा
दिल्ली पुलिस ने संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों के सोशल मीडिया खातों और अब हटाए गए फेसबुक पेज ‘भगत सिंह फैन क्लब’ के विवरण तक पहुंचने के लिए मेटा को पत्र लिखा है. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. ‘भगत सिंह फैन क्लब’ के जरिये ही ये आरोपी एक-दूसरे के संपर्क में आए थे.
पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने सभी आरोपियों के बैंक खाते का विवरण भी एकत्र किया है ताकि यह पता किया जा सके कि क्या उन्हें 13 दिसंबर की घटना को अंजाम देने के लिए किसी से पैसे मिले हैं. सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने यह जानने के लिए गूगल पे और पेटीएम से भी संपर्क किया है कि क्या आरोपियों के बैंक खातों में कोई डिजिटल लेन-देन हुआ था.
सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस की विभिन्न टीम ने रविवार को आरोपियों के परिजनों से संपर्क किया और उनके बैंक खातों का विवरण इकट्ठा किया. सूत्रों के अनुसार, नीलम देवी और सागर शर्मा की बैंक पासबुक क्रमश? हरियाणा के जींद और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में उनके आवास से जब्त की गईं.
दिल्ली पुलिस की ‘काउंटर इंटेलिजेंस’ इकाई ने आरोपी व्यक्तियों के सोशल मीडिया खाते तक पहुंचने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की मालिक मेटा को लिखा है और फेसबुक पेज ‘भगत सिंह फैन पेज’ जैसे सदस्यों की संख्या आदि का विवरण मांगा है. यह पेज आरोपियों द्वारा बनाया गया था और बाद में हटा दिया गया.
इस बीच, विशेष प्रकोष्ठ की एक टीम ने सोमवार को मैसूरु में मनोरंजन के आवास का दौरा किया और उसके माता-पिता तथा रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए. सूत्रों ने बताया कि परिवार से उसके बैंक विवरण और विदेशी दौरों के बारे में पूछा गया. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की एक टीम लखनऊ के आलम बाग में जूते की उस दुकान की पहचान करने में कामयाब रही, जहां से सागर ने 600 रुपये में दो जोड़ी जूते खरीदे थे, जिसमें उसने धुएं छोड़ने वाली ‘केन’ छिपाई थी.
इस संबंध में एक सूत्र ने बताया कि जूते की यह दुकान लखनऊ में सागर के घर से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है. सूत्रों ने कहा कि मेटा से आरोपियों की व्हाट्सऐप चैट साझा करने का भी अनुरोध किया गया है, क्योंकि उनके मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त हो गए हैं. पुलिस के अनुसार, संसद सुरक्षा चूक की साजिश के ‘साजिशकर्ता’ ललित झा ने राजस्थान के नागौर में अपना मोबाइल फोन फेंक दिया और अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन जला दिए. पुलिस के अनुसार, ललित घटना के बाद वहां भाग गया था.
बाद में, पुलिस ने झा की निशानदेही पर टूटे और जले हुए मोबाइल फोन के टुकड़े बरामद किए. इन हिस्सों को फॉरेंसिक विभाग में यह पता करने के लिए भेजा गया है कि क्या इनसे ”डेटा रिकवर” किया जा सकता है. दिल्ली पुलिस ने संसद सुरक्षा चूक मामले में कथित संलिप्तता के लिए अब तक छह लोगों- सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे, नीलम देवी, ललित झा और महेश कुमावत को गिरफ्तार किया है. उन पर कड़े गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है.