कांग्रेस महाधिवेशन शुक्रवार से होगा शुरू, विपक्षी एकजुटता पर तस्वीर होगी साफ

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 23 Feb 2023 07:16 PM
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रायपुर. कांग्रेस का महाधिवेशन शुक्रवार से छत्तीसगढ़ के रायपुर में शुरू होगा जिसमें राजनीति, अर्थव्यवस्था समेत कई विषयों पर प्रस्ताव पारित करने और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के गठन के साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव में व्यापक विपक्षी एकजुटता के संदर्भ में पार्टी अपना रुख स्पष्ट करेगी. पार्टी का यह 85वां महाधिवेशन 24 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा.

कांग्रेस का यह महाधिवेशन ऐसे समय हो रहा है कि जब आगामी लोकसभा चुनाव में करीब एक वर्ष का समय बचा है तथा विपक्षी एकजुटता के संदर्भ में लगातार चर्चा हो रही है. विपक्षी एकजुटता को लेकर चल रही चर्चा के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 21 फरवरी को नगालैंड में कहा कि अगले साल केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई में गठबंधन सरकार बनेगी, हालांकि इसके अगले ही दिन दिल्ली में उन्होंने कहा कि साथी दलों के साथ मिलकर ‘‘सामूहिक रूप से’’ सरकार का गठन किया जाएगा.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने गत रविवार को कहा था कि इस महाधिवेशन में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर विपक्षी एकजुटता के संदर्भ में चर्चा की जाएगी एवं आगे का रुख तय किया जाएगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि कांग्रेस की मौजूदगी के बिना देश में विपक्षी एकता की कोई भी कवायद सफल नहीं हो सकती.

देश में विपक्षी एकजुटता की कवायद से जुड़ी चर्चा को पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान से बल मिला था. नीतीश कुमार ने गत 18 फरवरी को कहा था कि कांग्रेस को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से बने माहौल का लाभ उठाते हुए भाजपा विरोधी दलों को एकजुट कर गठबंधन बनाना चाहिए और अगर ऐसा हो गया तो 2024 के लोकसभा चुनाव में अभी 300 से ज्यादा सीट वाली भारतीय जनता पार्टी को 100 से भी कम सीट पर समेटा जा सकता है.

देश के मुख्य विपक्षी दल के इस अधिवेशन में राजनीति, अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय मामले, कृषि एवं किसान, सामाजिक न्याय और युवा एवं शिक्षा से जुड़े विषयों पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे. इसके साथ ही, सीडब्ल्यूसी के गठन की प्रक्रिया भी शुरू होगी, हालांकि पार्टी ने इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है कि कांग्रेस कार्य समिति के आधे सदस्यों का चुनाव होगा या नहीं.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने पिछले दिनों ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा था कि सीडब्ल्यूसी के आधे सदस्यों का चुनाव होना चाहिए और पार्टी की इस शीर्ष नीति निर्धारक इकाई में नौजवानों को मौका मिलना चाहिए. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गत 19 फरवरी को कहा था कि सीडब्ल्यूसी के चुनाव के संदर्भ में 24 फरवरी को पार्टी की संचालन समिति की बैठक में फैसला होगा.

इस महाधिवेशन में कांग्रेस ने करीब 15000 लोगों को आंमत्रित किया है, जिनमें डेलीगेट (प्रतिनिधि) होंगे. जिला कांग्रेस अध्यक्ष विशेष डेलीगेट होंगे. कन्याकुमारी से कश्मीर तक पदयात्रा करने वाले सभी ‘भारत यात्री’ और पार्टी के अग्रिम संगठनों और विभागों के पदाधिकारी विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे.

वेणुगोपाल के मुताबिक, महाधिवेशन में 1338 निर्वाचित एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य होंगे, 487 सहयोजित (को-आॅप्टेड) एआईसीसी सदस्य होंगे, 9915 निर्वाचित पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) सदस्य होंगे तथा करीब 3000 सहयोजित (को-आॅप्टेड) पीसीसी सदस्य होंगे.

वेणुगोपाल ने कहा था, ‘‘24 फरवरी की सुबह 10 बजे संचालन समिति की बैठक होगी. इस बैठक में मसौदा समिति द्वारा तय प्रस्तावों पर संचालन समिति एक-एक करके विचार करेगी और इनका अनुमोदन करेगी. उसी दिन विषय संबंधी समिति भी बैठक करेगी, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी दी जाएगी.’’ उन्होंने कहा था कि 24 फरवरी को ही संचालन समिति इस अधिवेशन के विस्तृत एजेंडे को स्वीकृति प्रदान करेगी.

‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर मिली प्रतिक्रिया से उत्साहित कांग्रेस ने इस पूर्ण अधिवेशन का टैगलाइन ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ रखा है. इस महाधिवेशन में भाग ले रहे एआईसीसी सदस्यों में सामान्य श्रेणी से 704, अल्पसंख्यक समुदाय से 228, ओबीसी समुदाय से 381, अनुसूचित जाति से 192, अनुसूचित जनजाति से 133, महिलाएं 235 और 50 साल से कम उम्र के 501 लोग होंगे. मल्लिकार्जुन खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पार्टी का महाधिवेशन हो रहा है. कांग्रेस का पिछला महाधिवेशन 2018 में दिल्ली में हुआ था.

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