भानुप्रतापपुर उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, सावित्री मंडावी ने ब्रह्मानंद नेताम को हराया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 08 Dec 2022 10:43 PM
भानुप्रतापपुर उपचुनाव में कांग्रेस की जीत, सावित्री मंडावी ने ब्रह्मानंद नेताम को हराया

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कांकेर. छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए हुए उपचुनाव में सत्ताधारी दल कांग्रेस ने जीत दर्ज की है. वर्ष 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से उपचुनावों में पार्टी की यह लगातार पांचवीं जीत है. चुनाव अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि कांग्रेस की उम्मीदवार सावित्री मंडावी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के ब्रह्मानंद नेताम को 21,171 मतों के अंतर से हराया है. अधिकारियों ने बताया कि इस उपचुनाव में मंडावी को 65,479 वोट तथा भाजपा के नेताम को 44,308 वोट मिले.

उन्होंने बताया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी अकबर राम कोर्रम को 23,417 वोट मिले हैं. नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित भानुप्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए इस महीने की पांच तारीख को मतदान हुआ था. जिसमें 71.74 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था.

उपचुनाव में जीत पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भानुप्रतापपुर के लोगों ने पिछले चार वर्षों में उनकी सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर अपनी मुहर लगा दी है. बघेल ने कहा कि दिवंगत विधायक मंडावी के अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध थे और क्षेत्र के विकास में उनके प्रयासों ने भी पार्टी के पक्ष में काम किया.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भानुप्रतापपुर क्षेत्र के लोगों को उनकी सरकार में विश्वास जताने के लिए धन्यवाद दिया. बघेल से जब संवाददाताओं ने ‘सर्व आदिवासी समाज’ के उम्मीदवार कोर्राम के तीसरा स्थान हासिल करने से संबंधित सवाल किया तब उन्होंने कहा, ”आंकड़े बताते हैं कि 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) और आम आदमी पार्टी (आप) को मिले वोटों की संख्या इस उपचुनाव में सर्व आदिवासी समाज के उम्मीदवार को मिले वोटों के बराबर है. इस बार जेसीसी (जे) और आप दोनों ने चुनाव नहीं लड़ा है. मुझे नहीं लगता कि सर्व आदिवासी समाज का अपना वोट आधार है.’’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि इस उम्मीदवार को जेसीसी (जे) और आप के वोट मिले हैं.

उन्होंने इस दौरान भाजपा पर भी निशाना साधा और कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी मतगणना के दौरान दूसरे स्थान पर रहने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही थी. इस उपचुनाव में जीत के साथ, 90 सदस्यीय राज्य विधानसभा में कांग्रेस की संख्या 71 ही रहेगी. वर्ष 2018 में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद विधानसभा उपचुनावों में भाजपा को कांग्रेस से लगातार पांचवीं बार हार का सामना करना पड़ा.

वर्ष 2018 में कांग्रेस ने राज्य में 90 में से 68 सीट जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा ने 15 सीट जीती थीं. जेसीसी (जे) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था और क्रमश: पांच और दो सीट जीती थीं. वर्ष 2019 में कांग्रेस ने दंतेवाड़ा और चित्रकोट विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव जीते थे. वहीं 2020 में कांग्रेस ने मरवाही सीट जीती थी. बाद में इस साल अप्रैल में खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की गई थी. विधानसभा में वर्तमान में भाजपा के 14, जेसीसी (जे) के तीन तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के दो विधायक हैं.

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