सरकारी नौकरी में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग मृत्यु के काफी समय बाद तक नहीं की जा सकती: अदालत

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 05 Aug 2025 09:57 PM
सरकारी नौकरी में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग मृत्यु के काफी समय बाद तक नहीं की जा सकती: अदालत
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि परिवार के कमाने वाले किसी व्यक्ति की मृत्यु के काफी समय बाद तक सरकारी नौकरी में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग नहीं की जा सकती. अदालत ने कहा कि सरकारी नौकरियों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्तियां बहुत ही विशिष्ट आवश्यकता को पूरा करती हैं और यह अधिकार हमेशा के लिए नहीं रहता.

न्यायमूर्ति सी. हरिशंकर और न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ एक व्यक्ति की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी. उसके पिता की जब मृत्यु हुई तब वह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में कांस्टेबल थे.
उच्च न्यायालय के 30 जुलाई के आदेश में कहा गया है कि याचिकाकर्ता के वकील ने कोई कार्यकारी निर्देश, नियम या विनियमन नहीं दिखाया है, जो याचिकाकर्ता को उसके पिता की मृत्यु के कई साल बाद नियुक्ति प्राप्त करने का पात्र बनाता हो. याचिकाकर्ता के पिता विजय कुमार यादव की सितंबर 1988 में सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई थी.

फरवरी 2000 में, यादव की पत्नी ने अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए अधिकारियों के पास आवेदन किया, लेकिन कांस्टेबल पद के लिए अपेक्षित योग्यता न होने के कारण उनकी याचिका खारिज कर दी गई. फरवरी 2018 में, याचिकाकर्ता और उसकी मां ने एक बार फिर अधिकारियों के पास अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन किया.

उनके वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता 2014 में वयस्क के होने के लिए निर्धारित उम्र को प्राप्त किया, लेकिन उस समय उसके पास पद के लिए अपेक्षित योग्यता नहीं थी और अपेक्षित योग्यता प्राप्त करने के बाद उसने 2018 में आवेदन किया. जनवरी 2020 में याचिकाकर्ता को सूचित किया गया कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए उसकी सिफारिश नहीं की गई , जिसके बाद उसने राहत की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया.

पीठ ने कहा कि अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति न तो ऐसा अधिकार है जो समाप्त होने तक हमेशा के लिए जारी रहे और न ही यह “भर्ती का कोई वैकल्पिक तरीका” है. आदेश में कहा गया है, “अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का उद्देश्य ऐसे सरकारी कर्मचारी के परिवार को सक्षम बनाना है, जिसकी सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, ताकि वे तत्काल विकट परिस्थितियों से उबर सकें.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu