हुबली. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने रविवार को कहा कि हावेरी में नैतिकता ठेकेदारी के मामले में पीड़िता को पैसे देकर मामले में पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है. दरअसल एक वीडियो सार्वजनिक हुआ जिसमें आठ जनवरी को हावेरी जिले के हंगल तालुक में छह लोगों को एक होटल के कमरे में घुसकर एक अंतरधार्मिक जोड़े पर हमला करते देखा गया. इस घटना के सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
एक बयान में बोम्मई ने दावा किया कि हावेरी पुलिस ने हंगल के मामले को बंद करने के लिए पीड़िता को पैसे की पेशकश की. उन्होंने कहा, ”सरकार को इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन करना चाहिए. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सोमवार को हावेरी का दौरा करेंगे, इसलिए भाजपा को उम्मीद है कि वह इस संबंध में कोई घोषणा करेंगे.” बोम्मई ने कहा कि स्थानीय पुलिस को भाजपा महिला प्रतिनिधिमंडल के हावेरी दौरे की जानकारी मिलने के बाद जांच की आड़ में पीड़िता को सिरसी ले जाया गया.
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस पार्टी इस प्रकार की राजनीति करती आ रही. उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है.” मामले के अनुसार आठ जनवरी को अपराह्न एक बजे 26 वर्षीय विवाहिता, एक 40 वर्षीय पुरुष के साथ एक होटल में पहुंची. यह महिला अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखती थी. महिला और पुरुष के बीच तीन वर्ष से संबंध हैं. पुलिस ने कहा कि पूरी घटना होटल के कमरे में हुई और आरोपियों ने उसका वीडियो बना लिया. बाद में इन वीडियो को सोशल मीडिया मंचों पर सार्वजनिक कर दिया गया.
एक वीडियो में छह पुरुषों को एक कमरे का दरवाजा खटखटाते हुए देखा गया, और जब एक व्यक्ति ने दरवाजा खोला तो कुछ लोग अंदर घुसते हुए और महिला की तरफ बढ़ते दिखाई दिए. पुलिस ने बताया कि जब यह जोड़ा होटल में घुस रहा था तब एक ऑटो रिक्शा चालक ने उन्हें देख लिया. बुर्का पहने महिला को एक दूसरे धर्म के पुरुष के साथ देखकर उसने स्थानीय लोगों के एक गुट को इसकी जानकारी दी. ये लोग भी अल्पसंख्यक समुदाय से थे.
पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी में सामूहिक दुष्कर्म की धारा भी जोड़ी गई. मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज किए गए. महिला ने यह भी कहा है कि आरोपी के करीबी लोग उस पर मामला वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और लाखों रुपये की पेशकश कर रहे हैं.