नयी दिल्ली/गुवाहाटी. बांग्लादेश में मानव तस्करी के मामले में शामिल 38 वर्षीय एक व्यक्ति समेत दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे आठ बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान रबीउल इस्लाम (38), उसकी पत्नी सीमा (27) और बेटे अब्राहम (5), पापिया खातून (36) और उसकी बेटियों सादिया सुल्ताना (21) और सुहासिनी (1) के अलावा आर्यन (7) तथा रिफत आरा मोयना (28) के रूप में हुई है.
अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोग किशनगढ़ और कटवारिया सराय सहित दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रह रहे थे और इन्होंने दलालों की मदद से त्रिपुरा, घोजा डोंगा और बेनापोल सीमाओं के माध्यम से 2007 और 2023 के बीच अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी आठ बंदियों को 16 अप्रैल को विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) के समक्ष पेश किया गया और निर्वासन केंद्र भेज दिया गया.
पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर 15 अप्रैल को सत्य निकेतन बाजार क्षेत्र से इस्लाम को हिरासत में लिया. अधिकारी ने बताया कि उसने पुलिस को बताया कि वह 2012 में अवैध रूप से भारत में घुसा था और उसने शहर में बिना उचित दस्तावेजों के रह रहे अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में भी जानकारी साझा की. जांच के दौरान पता चला कि इस्लाम बांग्लादेश में मानव तस्करी के एक मामले में संलिप्त था.
असम : बांग्लादेश के पांच घुसपैठिये पकड़े गये, वापस भेजा गया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि असम के श्रीभूमि जिले से पांच बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार कर उन्हें वापस उनके देश भेज दिया गया है. शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘अवैध घुसपैठ पर कार्रवाई जारी है. श्रीभूमि जिला पुलिस ने आज सुबह पांच घुसपैठियों को पकड़ा और उन्हें वापस बांग्लादेश भेज दिया.’ शर्मा ने इससे पहले कहा था कि पिछले सात महीनों में 330 से अधिक घुसपैठियों को वापस भेजा गया है और राज्य सरकार घुसपैठ मुक्त असम के लिए प्रतिबद्ध है.