राजीव चंद्रशेखर की मानहानि याचिका पर उच्च न्यायालय ने शशि थरूर से जवाब मांगा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 20 May 2025 08:56 PM
राजीव चंद्रशेखर की मानहानि याचिका पर उच्च न्यायालय ने शशि थरूर से जवाब मांगा
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नयी दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर से भारतीय जनता पार्टी नेता राजीव चंद्रशेखर द्वारा उनके खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर जवाब देने को कहा. न्यायमूर्ति रविंद्र डुडेजा ने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा चार फरवरी को चंद्रशेखर के आपराधिक मानहानि मामले को खारिज करने के आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर थरूर को नोटिस जारी करते हुए कहा कि “इस मामले पर विचार करने की आवश्यकता है”.

अदालत ने कहा, ”प्रतिवादी को नोटिस जारी करें. निचली अदालत को ‘बुकमार्किंग’ के साथ डिजिटल रूप में रिकॉर्ड मांगा जाए.” चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि थरूर ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर झूठे और अपमानजनक बयान देकर उन्हें बदनाम किया कि भाजपा नेता ने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान तिरुवनंतपुरम निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं को ‘रिश्वत’ दी.

चंद्रशेखर के अनुसार, थरूर ने ये आरोप “उनकी प्रतिष्ठा को कम करने और पिछले आम चुनावों के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से लगाए थे, जबकि उन्हें अच्छी तरह से पता था कि ये बयान झूठे थे.” चंद्रशेखर की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि अधीनस्थ अदालत ने सबूतों को नजरअंदाज कर यह निर्णय दिया कि मानहानि का कोई मामला नहीं बनता. उन्होंने कहा कि यहां तक ??कि तिरुवनंतपुरम के उप जिलाधिकारी और आदर्श आचार संहिता के नोडल अधिकारी ने भी थरूर के बयानों के खिलाफ शिकायत पर उनके असत्यापित बयानों पर ‘कड़ी चेतावनी’ जारी की थी और मीडिया से आपत्तिजनक सामग्री को हटाए जाने का निर्देश दिया था.
अधिवक्ता ने कहा कि हालांकि, अधीनस्थ अदालत इस बात पर विचार करने में विफल रही कि थरूर ने चुनाव से ठीक पहले झूठे बयानों के माध्यम से चुनाव में बढ़त हासिल करने का प्रयास किया था, ताकि चंद्रशेखर की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचाया जा सके.

अधिवक्ता ने कहा कि याचिकाकर्ता स्वयं पूर्व सांसद हैं और केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने चार फरवरी को थरूर को तलब करने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया शिकायत में ”मानहानि की कोई बात” नहीं पाई गई.

निचली अदालत ने कहा कि “थरूर ने प्रकाशित तीनों साक्षात्कारों, समाचारों में एक बार भी भाजपा, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) या चंद्रशेखर का उल्लेख नहीं किया.” इसमें कहा गया है कि थरूर ने एकमात्र आरोप तब लगाया था जब उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “भाजपा के लिए हमसे दो से तीन गुना अधिक खर्च करना स्वाभाविक है”, जो न तो शिकायतकर्ता से संबंधित था और न ही यह मानहानिकारक था. मामले में अगली सुनवाई 16 सितंबर को की जाएगी.

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