काठमांडू. भारत के थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रविवार को यहां पांच दिन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे, जिसमें वह देश के शीर्ष सैन्य और असैन्य नेतृत्व के साथ दोनों पड़ोसियों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करेंगे. नेपाल के उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बाल कृष्ण करकी ने यहां त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर जनरल पांडे की अगवानी की.
जनरल पांडे को इस यात्रा के दौरान सोमवार को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी अपने आधिकारिक आवास ‘सीतल निवास’ में एक समारोह में नेपाली सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान करेंगी. यह परंपरा 1950 में शुरू हुई थी. इसके तहत भारत भी नेपाली सेना प्रमुख को भारतीय सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान करता है.
नेपाल के सेना प्रमुख जनरल प्रभुराम शर्मा ने पिछले साल नवंबर में भारत के सेना प्रमुख के निमंत्रण पर भारत का दौरा किया था. उन्हें इस यात्रा के दौरान भारतीय सेना के जनरल की मानद उपाधि प्रदान की गयी थी. जनरल पांडे इस दौरान वह पड़ोसी देश के असैन्य और सैन्य अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे.
जनरल पांडे की काठमांडू में होने वाली चर्चा में अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में नेपाल के गोरखा जवानों को शामिल किए जाने का विषय भी आ सकता है. खबरों के अनुसार, नेपाल ने भारत से कहा है कि नयी योजना के तहत भर्ती मौजूदा प्रावधानों के अनुरूप नहीं है.
जनरल पांडे इस यात्रा में राष्ट्रपति भंडारी तथा प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से मुलाकात करेंगे और नेपाल के सेना प्रमुख जनरल प्रभुराम शर्मा से व्यापक चर्चा के साथ ही नेपाल के वरिष्ठ सैन्य एवं असैन्य नेताओं के साथ भी बैठक करेंगे. अपनी इस यात्रा में वह नेपाली सेना के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जहां वह शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे और बल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे.
सेना प्रमुख मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकते हैं. जनरल पांडे आठ सितंबर को काठमांडू से नयी दिल्ली के लिए रवाना होंगे. नेपाल सेना ने रविवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वह मानती है कि इस तरह की उच्चस्तरीय यात्राएं और परंपराओं का अनुसरण दोनों देशों तथा उनकी सेनाओं के बीच संबंधों को मजबूत करने में सहायक होते हैं.