इजराइल :गठबंधन सरकार गिरी, चार साल में पांचवीं बार आम चुनाव

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 30 Jun 2022 07:25 PM
इजराइल :गठबंधन सरकार गिरी, चार साल में पांचवीं बार आम चुनाव

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यरुशलम. इजराइल में दक्षिणपंथी, वामपंथी और मध्यमार्गी के साथ-साथ इस्लामिक अरब पार्टी को भी एकजुट कर सबसे विविधता वाली सरकार बनाने के प्रयोग का बृहस्पतिवार को उस समय पटाक्षेप हो गया जब नेसेट (इजराइली संसद) ने शून्य के मुकाबले 92 मतों से स्वयं को भंग करने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया. इसके साथ ही गत चार साल में पांचवीं बार आम चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है.

इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से दूर रखने के आधार पर विभिन्न विचारधारा के साथ आईं पार्टियों का गठबंधन एक साल से थोड़ा अधिक चला और अंतत: उन्होंने महसूस किया कि विचारों की इतनी विविधिता के साथ सरकार चलाना संभव नहीं है. इजराइल की 120 सदस्यीय संसद को भंग करने का फैसला ऐसे समय आया है जब देश वेस्ट बैंक में अभूतपूर्व और अफरातफरी वाले कानूनी दांवपेंच की दहलीज पर खड़ा है.

इजराइल वेस्ट बैंक में बसने वाले यहूदियों को कानूनी मान्यता देने की तैयारी कर रहा है जबकि उसी स्थान पर रहने वाले फलस्तीनियों के लिए अलग कानूनी व्यवस्था बनायी जा रही है. यह कदम वर्ष1967 में बने कानून के जरिये उठाया जा रहा है जिसका हर पांच साल में नवीनीकरण करने की जरूरत पड़ती है और इसकी मियाद बृहस्पतिवार को ही समाप्त हो रही है.

नेसेट ने बृहस्पतिवार की सुबह सदन को भंग करने का फैसला किया जिससे वर्ष 2019 के बाद पांचवीं बार देश में आम चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया. आखिरी बार मार्च 2021 में आम चुनाव कराए गए थे. संसद को शून्य के मुकाबले 92 मतों से भंग किया गया और एक नवंबर को चुनाव होगा.

गठबंधन में हुए समझौते की वजह से विदेश मंत्री 58 वर्षीय यायिर लैपिड के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. वह प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के पद छोड़ने के बाद मध्य रात्रि के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालेंगे. संसद को भंग करने के लिए हुए मतदान के बाद बेनेट और लैपिड ने एक दूसरे को गले लगाया और एक-दूसरे के स्थान पर जाकर बैठे. बृहस्पतिवार दोपहर बाद एक सादे समारोह में सत्ता हस्तांतरण का कार्यक्रम है. लैपिड अगली सरकार बनने तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी निभाएंगे.

इजराइल के इतिहास में पहली बार हुआ था कि अरब पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा थी. ओपिनियन पोल के मुताबिक नेतन्याहू गठबंधन को चुनाव में मौजूदा 52 सीटों के मुकाबले 58 से 60 सीटे मिल सकती हैं.लेकिन अब भी वह 120 सदस्यीय सदन में 61 के जादुई आंकड़े से दूर हैं.

By Yogesh Kumar Sahu