इजराइली सैन्य बलों ने मध्य गाजा में शरणार्थी शिविरों पर की गोलाबारी

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 26 Dec 2023 07:34 PM
इजराइली सैन्य बलों ने मध्य गाजा में शरणार्थी शिविरों पर की गोलाबारी
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राफाह/दीर अल बलाह. इजराइली बलों ने मंगलवार को मध्य गाजा में स्थित शरणार्थी शिविरों पर गोलाबारी की. स्थानीय नागरिकों ने यह जानकारी दी. माना जा रहा है कि चारों तरफ से घिरे क्षेत्र के तीसरे खंड में अपने जमीनी हमले को विस्तारित करने की संभावित तैयारी के तहत इजराइल ने यह कार्रवाई की है.

संभावित नए युद्ध क्षेत्र का खुलना इंगित करता है कि आगे की राह विनाशकारी और लंबी है, क्योंकि दक्षिणी इजराइल पर सात अक्टूबर के हमले के बाद इजराइल ने हमास को कुचलने का संकल्प लिया है. कई हफ्तों से इजराइली सेना उत्तरी गाजा और दक्षिणी शहर खान यूनिस में भारी लड़ाई में जुटी हुई है, जिसने फलस्तीनियों को शरण लेने के लिए क्षेत्र के छोटे क्षेत्रों में धकेल दिया है.

संघर्ष विराम के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव और हताहत होने वाले नागरिकों की संख्या में कमी लाने के अमेरिकी आ”ान के बावजूद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को चेतावनी दी कि लड़ाई ‘खत्म’ होने के करीब नहीं है. हाल में इजराइल की ओर से किया गया हमला सबसे विनाशकारी सैन्य अभियानों में से एक है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 20,600 फलस्तीनी नागरिक मारे गये हैं जिनमें दो तिहाई बच्चे और महिलाएं हैं. मंत्रालय नागरिकों और लड़ाकों के बीच अंतर नहीं करता है.

इस बीच इजराइल-हमास युद्ध से क्षेत्र के आसपास तनाव बढ.ने के नये संकेत मिले हैं. सीरिया में एक इजराइली हवाई हमले में एक ईरानी जनरल की मौत हो गई जिससे ईरान की ओर से बदला लेने के संकल्पों की शुरुआत हो गई है. अमेरिकी लड़ाकू विमान ने ईरान सर्मिथत चरमपंथियों को इराक में निशाना बनाया जिन्होंने एक ड्रोन हमला करके वहां एक अमेरिकी सैनिक को घायल कर दिया था.

मध्य गाजा के निवासियों ने मंगलवार को गोलाबारी और हवाई हमलों की रात का वर्णन किया, जिससे नुसीरत, मघाजी और ब्यूरिज स्थित शिविर में रहने वाले लोग दहल गए. ये शिविर बसाए गए कस्बे हैं जिनमें 1948 के युद्ध के दौरान वर्तमान इजराइल स्थित अपने घरों से निकाले गए फलस्तीनी लोगों और उनके वंशजों को रखा गया है. अब इन शिविरों में उत्तर से भागे लोगों के आने से भीड़ बढ. गई है.

फलस्तीनी शिक्षक राडवान अबू शेट्टा ने ब्यूरेज में अपने घर से फोन पर कहा, ”बमबारी बहुत तीव्र थी.” उन्होंने इजरायली सैनिकों के बारे में कहा, ”ऐसा लगता है कि वे आ रहे हैं.” हमास की सैन्य शाखा ‘कासमी ब्रिगेड’ ने कहा कि उसके लड़कों ने ब्यूरेजी के पूर्व में एक इजराइली सैन्य टुकड़ी पर हमला किया है. इसकी रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से अभी पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन इससे पता चलता है कि इजराइली सेना शिविर की तरफ बढ. रही है.

युद्धक विमानों और तोपखाने से नुसीरात शिविर के पूर्व के इलाकों पर भी हमला किया गया. एक फलस्तीनी मछुआरे एजेल-दीन मोहम्मद अब्दुल्ला अल-मसरी ने कहा, “बमबारी के कारण हम सो नहीं सके.” अल-मसरी अपने पांच बच्चों और अन्य परिवार के साथ उत्तरी गाजा से क्षेत्र में विस्थापित हो गये थे. उन्होंने कहा, “हम डरे हुए हैं.”

क्षेत्रीय प्रसार
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इराक में ईरान सर्मिथत लड़ाकों ने सोमवार को उत्तरी इराक के इरबिल में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमला किया, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिक घायल हो गए. इनमें से एक गंभीर रूप से घायल हुआ है. इसके जवाब में अमेरिकी युद्धक विमानों ने मंगलवार को सुबह होने से पहले इराक के मुख्य मिलिशिया ‘कताइब हिजबुल्लाह’ से जुड़े तीन स्थानों पर हमला किया.

इजराइली हमले ने सोमवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क के पड़ोस में हमला किया, जिसमें सीरिया में ईरानी अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के सलाहकार जनरल सैयद राजी मौसवी की मौत हो गई. हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच इजराइल-लेबनान सीमा पर करीब करीब प्रतिदिन मिसाइलों, हवाई हमलों और गोलाबारी का आदान-प्रदान होता है. इराक में ईरान सर्मिथत मिलिशिया ने इराक और सीरिया में अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों पर 100 से अधिक हमले किए हैं. लाल सागर में, वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों ने व्यापार को बाधित कर दिया है. इसने व्यापारिक जहाजों के मार्ग की सुरक्षा के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभियान को प्रेरित किया है.

गाजा में संघर्ष
इजराइली सैनिक उत्तरी गाजा में हमास और अन्य चरमपंथियों के साथ लगभग दो महीने से जमीनी लड़ाई और खान यूनिस में कई हफ्तों से शहरी लड़ाई में जुटे हुए हैं. लड़ाई और बमबारी ने दोनों क्षेत्रों के बड़े हिस्से को नेस्तनाबूद कर दिया है और पूरे क्षेत्र में हमले जारी हैं.

इजराइली सेना ने मंगलवार को दो और सैनिकों की मौत की घोषणा की, जिससे जमीनी हमले में मारे गए सैनिकों की कुल संख्या 158 हो गई है. चरमपंथियों ने सोमवार देर रात इजराइल पर रॉकेट की बौछार कर दी, जिससे दक्षिणी शहर अश्कलोन में हवाई हमले के सायरन बजने लगे. जानमाल के नुकसान की कोई तत्काल सूचना नहीं मिली है.

हमास ने सात अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल पर हमला कर दिया था जिसमें करीब 1200 लोगों की मौत हो गई जिसमें ज्यादातर आम नागरिक हैं. इसके अलावा हमास ने 240 लोगों को बंधक भी बना लिया था. इसके बाद इजराइल ने जवाबी शुरू की और हमास-इजराइल युद्ध की शुरुआत हो गई. इजराइल ने कहा है कि उसका लक्ष्य 100 बंधकों को छुड़ाने का है जिन्हें अब भी गाजा में कैद करके रखा गया है.

पैर कटवाओ या मौत को गले लगाओ -गाजा में हजारों युद्धपीड़ितों की जिंदगी हुई नरक

इजराइली हवाई हमले में घायल हुई 22 वर्षीय शाइमा नाबाहिन के सामने उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया जब चिकित्सकों ने उसे दो विकल्प दिए – या तो अपना बायां पैर कटवा लो या फिर मरने के लिए तैयार रहो. इजराइली हवाई हमले में उसका टखना कुचला गया था और शाइमा को लगभग एक सप्ताह तक गाजा में अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था. चिकित्सकों ने बताया कि उसके खून में जहर फैल गया .

चिकित्सकों द्वारा दिए गए दो विकल्पों में से शाइमा ने जीवित रहने का विकल्प चुना और अपने पैर को घुटने से नीचे 15 सेंटीमीटर (छह इंच) कटवाने पर राजी हो गई. इस फैसले ने विश्वविद्यालय में पढ.ने वाली छात्रा के जीवन को पूरी तरह से बदलकर रख दिया.
गाजा में युद्ध में घायल हजारों लोगों को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है.

मुख्य शहर दीर अल-बलाह स्थित अल अक्सा शहीद अस्पताल में अपने बिस्तर पर लेटी नबाहिन ने कहा, “मेरा पूरा जीवन बदल गया है.” उन्होंने कहा, ”अब मैं एक कदम भी उठाना चाहूं या कहीं जाने की कोशिश करूं तो मुझे किसी की मदद की जरूरत पड़ती है.” हमास द्वारा संचालित गाजा में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इजराइल हमास युद्ध के दौरान लोगों का अंग विच्छेद किया जाना आम बात हो गई है. उन्होंने कहा कि दीर अल-बलाह के अस्पताल में हाल ही में कई लोगों के अंगों को काटना पड़ा, जिनमें दर्जनों लोगों का अभी इलाज चल रहा है.

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ मामलों में उचित इलाज से अंगों को बचाया जा सकता था. लेकिन इजराइल के कई हफ्तों के हवाई और जमीनी हमले के बाद गाजा के 36 अस्पतालों में केवल नौ अस्पताल अभी संचालित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इनमें बहुत भीड़ है, इलाज की सीमित व्यवस्था है और सर्जरी करने के लिए बुनियादी उपकरणों की कमी है. डब्ल्यूएचओ के अधिकारी शॉन केसी ने कहा कि ऐसे मामलों में सबसे पहले इलाज उपलब्ध कराने वाले वैस्क्यूलर सर्जन की कमी के कारण अंगों को काटने के मामले बढ.ने की आशंका है. केसी ने हाल ही में गाजा के कई अस्पतालों का दौरा किया था.

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