नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) का केंद्र के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन ‘विशुद्ध राजनीति’ और अपनी ‘विफलताओं’ को (नरेन्द्र) मोदी सरकार पर थोपने का प्रयास है, क्योंकि लोग सत्तारूढ़ गठबंधन से नाराज हैं.
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा)नीत एलडीएफ ने केंद्र पर केरल को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है. केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन के नेतृत्व में होने वाले इस विरोध प्रदर्शन में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है.
केरल में भाजपा के राजनीतिक मामलों के प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर और केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने एक संयुक्त बयान में कहा, ” केरल की एलडीएफ सरकार द्वारा आठ फरवरी को दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और कुछ नहीं बल्कि अपनी नाकामी का ठीकरा मोदी सरकार पर फोड़ने की राजनीति है. ताजा बजट में पूरे केरल में बढ़ाए गए कर से केरलवासी नाराज हैं.”
एलडीएफ ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के फैसलों से केरल को ”बड़ा नुकसान” हुआ है. लेकिन, भाजपा ने राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) गठबंधन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है. एलडीएफ ने कहा कि खुले बाजार से लिए गए कर्ज को शामिल किये जाने से वित्तीय वर्ष 2016-23 के दौरान सरकार को संचयी रूप से 1.07 लाख करोड़ का नुकसान हुआ.
जावड़ेकर और मुरलीधरन ने एलडीएफ के इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा है कि केरल वित्तीय तौर पर सबसे नाजुक और अनुचित तरीके से प्रबंधित राज्यों में से एक रहा है. भाजपा के दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ” एलडीएफ और यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) की नीतियों के कारण केरल में औद्योगीकरण की स्थिति काफी खराब है और मेहनती और उच्च शिक्षित युवाओं को नौकरियों के लिए दूसरे राज्यों तथा अन्य देशों में जाना पड़ता है. ”
भाजपा नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के शासनकाल के दौरान राज्य को प्रदान की गयी धनराशि की तुलना में केरल को 300 प्रतिशत से अधिक धन दिया है. भाजपा नेताओं ने राज्य में विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए केरल को प्रदान की गई केंद्र सरकार की धनराशि का विवरण साझा किया और कहा कि केंद्र राजमार्गों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर भी भारी व्यय कर रहा है. उन्होंने एक बयान में कहा, ” केरल सरकार अपने भूमि रिकॉर्ड अपलोड न करके बाधाएं पैदा कर रही है और लाखों किसानों को किसान सम्मान योजना के लाभ से वंचित कर रही है. ”