मोदी सरकार ने एमएसपी बढ़ाने के नाम पर किसानों से धोखा किया: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 29 May 2025 10:02 PM
मोदी सरकार ने एमएसपी बढ़ाने के नाम पर किसानों से धोखा किया: कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने धान और दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि करने की मोदी सरकार की घोषणा के बाद बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि किसानों के साथ धोखा किया गया. पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार एमएसपी पर ‘सी2+50 प्रतिशत’ देने की बात कर रही है, लेकिन सच्चाई इसके उलट है. केंद्र ने एक अहम कदम के तहत, 2025-26 खरीफ सत्र के लिए धान के एमएसपी को तीन प्रतिशत (69 रुपये) बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया और दलहन और तिलहन की दरों में नौ प्रतिशत तक की वृद्धि की.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में नये खरीफ सत्र के लिए एमएसपी पर कृषि मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सुरजेवाला ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा, ”मोदी सरकार द्वारा कल एमएसपी की घोषणा हुई, जिसमें बड़ी-बड़ी बातें हुईं, लेकिन सच्चाई आपके सामने है. देश के किसान लागत+50 प्रतिशत मुनाफे के नाम पर ठगे जा रहे हैं. एमएसपी पर फसल खरीद के लिए आंसू बहा रहे हैं और मोदी जी किसान की आय की वृद्धि के जुमले सुना रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया, ”मोदी सरकार ने किसान और खेती पर घात लगाकर हमला किया है. जुमले का व्यापार है, वादों की घोषणा है, योजनाओं का अंबार है और किसानों में हाहाकार है.

सुरजेवाला ने कुछ अनाजों का एमएसपी का चार्ट साझा करते हुए दावा किया कि उचित समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं हो रही है. उनके मुताबिक, वर्तमान वित्त वर्ष में धान पर एमएसपी 2,369 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सी2+50 प्रतिशत के तहत यह 3,135 रुपये प्रति क्विंटल होनी चाहिए.

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एमएसपी का मतलब अब ‘मैक्सिमम सफरिंग फॉर प्रोड्यूसर्स’ (उत्पादकों के लिए अधिकतम पीड़ा) है.
उन्होंने कहा, ”स्वामीनाथन की सिफारिश, जिसे सरकार लागू कर देने की बात करती है, वह अब ‘जुमलानाथन’ बन गई है.” सुरजेवाला के अनुसार, इस बात को समझना होगा कि सी2 लागत मूल्य, पारिवारिक श्रम और ज.मीन का किराया मिलाकर होगा. उनका कहना था, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज भी दावा करते हैं कि हम सी2+50 प्रतिशत देते हैं, लेकिन यह सच नहीं है.” कांग्रेस नेता ने यह मांग दोहराई कि सरकार को एमएसपी की कानूनी गारंटी देनी चाहिए.

उप राष्ट्रपति की किसान संबधी चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है: कांग्रेस

कांग्रेस ने उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के किसानों से संबंधित एक बयान को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया और कहा कि धनखड़ जब भी किसानों से जुड़ी चिंताओं को उठाते हैं तो उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि “जो लोग नारे ,फिल्मी संवाद और नाटकबाज.ी को ही शासन समझ बैठे हैं,” उन्हें उप राष्ट्रपति की बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए.

पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए धनखड़ ने कहा, “आज, जब हम विकसित भारत के बारे में बात करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हमारी अर्थव्यवस्था की रैंक क्या है. विकसित भारत को परिभाषित करने और इसे जमीनी हकीकत बनाने के लिए, सभी की आय को आठ गुना बढ.ाने की जरूरत है.”

उन्होंने यह भी कहा, “ऐसा होकर रहेगा, लेकिन किसानों को दूरदर्शी होने की जरूरत है. आज हमारे किसान केवल उत्पादन तक ही सीमित हैं. किसान भाइयों से मेरा अनुरोध है कि यह समय देश के सबसे बड़े व्यापार जो कृषि या पशुपालन से संबंधित है, उसमें अपनी भागीदारी बढ.ाने का है.” उनके बयान को लेकर रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, “विकसित भारत को लेकर माननीय उपराष्ट्रपति के सूझबूझ भरे विचार समय के अनुरूप और बेहद जरूरी हैं. जो लोग नारे ,फिल्मी संवाद और नाटकबाज.ी को ही शासन समझ बैठे हैं, उन्हें उनकी बातों को गंभीरता से सुनना चाहिए.” उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यवश, जब उपराष्ट्रपति जी किसानों की चिंता उठाते हैं, तब भी उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया जाता है.” भाषा

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