कीव. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि कोई नहीं जानता कि उनके देश में युद्ध कितने समय तक चलेगा लेकिन यूक्रेनी सेना रूसी सैनिकों का पूर्वी यूक्रेन में मुकाबला कर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर रही है. जेलेंस्की ने अपने वीडियो संबोधन में कहा कि उन्हें डोनबास क्षेत्र में रूसी सैनिकों को रोकने के लिए लड़ रहे यूक्रेन के अपने रक्षकों पर गर्व है. उन्होंने कहा, ‘‘याद रखें कि मई की शुरुआत में उन्होंने डोनबास पर कब्जा करने की किस तरह से उम्मीद की थी.’’ उन्होंने कहा कि यह युद्ध का 108वां दिन है और युद्ध की शुरुआत में, यूक्रेन की राजधानी कीव पर कब्जा करने में विफल रहने के बाद, रूस ने बड़े पैमाने पर रूसी-भाषी डोनबास के हिस्सों के अलावा देश के दक्षिणी तट पर कब्जा करने पर ध्यान केंद्रित किया.
जेलेंस्की ने कहा कि जब युद्ध का अंत दिखाई नहीं दे रहा है, तो यूक्रेन को अपनी रक्षा करने के लिए हरसंभव प्रयास करना चाहिए.
अलगाववादी घोषित लुहान्स्क पीपुल्स रिपब्लिक के प्रमुख लियोनिद पासेचनिक ने कहा कि यूक्रेनी लड़ाके शहर के एक औद्योगिक क्षेत्र में बने हुए हैं, जिसमें एक रासायनिक संयंत्र भी शामिल है जहां नागरिकों ने रूसी गोलाबारी के चलते शरण ली थी. पासेचनिक ने शनिवार को कहा कि सिविएरोडोनेत्स्क पूरी तरह से मुक्त नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन के सैनिक अजोट संयंत्र से शहर पर गोलाबारी कर रहे हैं.
लुहांस्क के गवर्नर सेरही हैदाई ने शनिवार को बताया कि रूसी गोलाबारी के दौरान संयंत्र में भीषण आग लग गई. वहीं, ओलेह सिनीहुबोव के गवर्नर ने कहा कि शहर के उत्तर में, खारकीव क्षेत्र में रूसी गोलाबारी में तीन लोग मारे गए. जेलेंस्की ने कहा कि रूस में यूक्रेन की तुलना में तीन गुना अधिक सैनिक हताहत हुए है. उन्होंने कहा, ‘‘ युद्ध किसलिए? आपको क्या मिला, रूस?’’ अब तक युद्ध में मरने वालों की संख्या के बारे में कोई विश्वसनीय अनुमान नहीं है.
चीनी रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंग ने रविवार को ंिसगापुर में एक रक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि चीन रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता का समर्थन करना जारी रखे हुए है, तथा उम्मीद करता है कि अमेरिका और उसके उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सहयोगी रूस के साथ “जल्द ही युद्धविराम के लिए चर्चा करेंगे.’’
उन्होंने कहा, ‘‘चीन एक रचनात्मक भूमिका निभाना जारी रखेगा और तनाव कम करने तथा संकट के राजनीतिक समाधान के लिए अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा.’’ फेंग ने कहा कि यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने वाले राष्ट्र “आग में घी डालकर” शांति को बाधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चीन ने युद्ध के दौरान रूस को कोई भौतिक सहायता प्रदान नहीं की है.
यूक्रेन युद्ध: सैनिकों के साथ नागरिक भी निभा रहे हैं अपनी भूमिका
रूसी हमलों का मुकाबला करने में केवल यूक्रेन के सैनिक ही नहीं बल्कि नागरिक भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं. इसका एक उदाहरण तब सामने आया जब एक किशोर और उसके पिता ने रूसी टैंक और ट्रक की एक छोटे ड्रोन के जरिये तस्वीरें लीं और इन्हें सेना को भेज दिया.
रूसी टैंक और ट्रक किशोर के गांव के करीब पहुंचे तो उसने और उसके पिता ने चुपके से अपने छोटे ड्रोन को उड़ा दिया और उन्होंने कीव की ओर बढ़ते हुए बख्तरबंद टुकड़ी की तस्वीरें लीं और इन तस्वीरों और अन्य जानकारी को यूक्रेनी सेना को भेज दिया. कुछ ही मिनटों में, यूक्रेन के सैनिकों ने तोपखानों के जरिये रूसी बलों पर गोले बरसाये. एंड्री पोक्रासा (15) और उनके पिता स्टानिस्लाव की आक्रमण के शुरुआती दिनों में उनकी इस हवाई टोही कार्य के लिए प्रशंसा की जा रही है.
‘एसोसिएटेड प्रेस’ के पत्रकारों की एक टीम के लिए अपने कौशल का प्रदर्शन करते हुए एंड्री ने कहा, ‘‘ये मेरे जीवन के कुछ सबसे डरावने क्षण थे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने सशस्त्र बलों को तस्वीरें और स्थान के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई.’ एंड्री के पिता स्टानिस्लाव पोक्रसा (41) ने कहा, ‘‘मैं ड्रोन का संचालन कर सकता हूं, लेकिन मेरा बेटा इसका संचालन बहुत बेहतर ढंग से करता है. हमने तुरंत फैसला किया कि वे ऐसा करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि वे इस बात को लेकर सुनिश्चित नहीं हैं कि उनके द्वारा प्रदान की गई जानकारी का उपयोग करके कितने रूसी लक्ष्यों को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा, ‘‘बीस से अधिक रूसी सैन्य वाहन नष्ट हो गए, उनमें ईंधन ट्रक और टैंक शामिल हैं.’’