पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 20 Aug 2023 07:54 PM
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार
ऑडियो सुनें

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के निकट सहयोगी एवं पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को गोपनीय राजनयिक दस्तावेज लीक होने के आरोप में सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत शनिवार को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के उपाध्यक्ष कुरैशी (67) को शनिवार रात को गिरफ्तार किया गया और उसके तुरंत बाद संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) के मुख्यालय में ले जाया गया. कुरैशी को आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि विदेश मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास की ओर से विदेश कार्यालय को भेजे गए आधिकारिक दस्तावेज की गोपनीयता भंग की.

कुरैशी को रविवार को एक सत्र अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें एक दिन की एफआईए की हिरासत में भेज दिया गया.
न्यायिक मजिस्ट्रेट एहतिशाम आलम खान ने आदेश जारी करते हुए एफआईए से पूर्व विदेश मंत्री को सोमवार को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया.

कुरैशी ने रिमांड पर भेजे जाने से पहले मीडिया से कहा, ”मैंने किसी असंबंधित व्यक्ति को ऐसा कोई दस्तावेज साझा नहीं किया.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के किसी गोपनीयता कानून से समझौता नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने ”जिम्मेदारीपूर्वक काम किया है” उन्होंने कहा, ”यह राजनीति से प्रेरित मामला है.” पूर्व प्रधानमंत्री खान ने कई बार उन्हें पिछले वर्ष अप्रैल में प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने में ”विदेशी साजिश” के सबूत के तौर पर लापता दस्तावेज का जिक्र किया है.

पीटीआई ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया, ”पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी को एक बार फिर अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया है.” जब राजनिक दस्तावेज का मुद्दा सामने आया था उस वक्त कुरैशी विदेश मंत्री थे. इस बीच, ‘जियो न्यूज’ ने रविवार को बताया कि खान की पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता असद उमर को सिफर (गोपनीय दस्तावेज) मामले में इस्लामाबाद से गिरफ्तार कर लिया गया है.

उमर, इमरान खान के करीबी सहायक रहे हैं और पूर्व में पार्टी के महासचिव पद पर रह चुके हैं. नौ मई के दंगों को लेकर गिरफ्तारी के बाद उन्होंने पार्टी के पदों से इस्तीफा दे दिया था. गोपनीय राजनयिक दस्तावेज का हवाला देते हुए इमरान खान अमेरिका पर उनकी सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाते रहे हैं. खान ने अपने दावों का समर्थन करने के लिए एक सार्वजनिक रैली में इस गोपनीय दस्तावेज को लहराया था.

अमेरिका ने बार-बार ऐसे आरोपों का खंडन किया है और उन्हें ”स्पष्ट रूप से झूठा” बताया है. पीटीआई के महासचिव उमर अयूब ने कुरैशी की गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि कुरैशी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने के बाद घर लौटे थे कि तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. अपनी गिरफ्तारी से कुछ देर पहले एक संवाददाता सम्मेलन में कुरैशी ने मीडिया में आयी उन खबरों को खारिज कर दिया था कि उनकी पार्टी में फूट है और साथ ही उन्होंने समय पर चुनाव कराए जाने की मांग की थी.

पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी गिरफ्तार
पाकिस्तान की पूर्व मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी की बेटी इमान मजारी को रविवार सुबह यहां उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया. तरनूल थाने के एक अधिकारी ने बताया कि युवा वकील और कार्यकर्ता इमान मजारी पर सरकारी मामलों में दखल देने, धरना प्रदर्शन तथा विरोध करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है.

उनकी मां शिरीन मजारी ने गिरफ्तारी को ”अपहरण” बताया और कहा कि सादे कपड़ों में आए लोग ”हमारे घर के मुख्य दरवाजे को तोड़ने के बाद मेरी बेटी को अपने साथ ले गए.” उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ”वे हमारे सुरक्षा कैमरे और उसका लैपटॉप तथा मोबाइल फोन ले गए. हमने पूछा कि वे किसके लिए आए हैं और वे इमान को खींचकर बाहर ले गए.

उन्होंने घर के कोने-कोने की तलाशी ली. मेरी बेटी नाइट ड्रेस में थी और उसने कहा कि मुझे कपड़े बदलने दो लेकिन उन्होंने उसे बाहर घसीट लिया. जाहिर तौर पर कोई वारंट या किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. सरकार का फासीवाद. घर में सिर्फ दो महिलाएं थीं. यह अपहरण है.” शिरीन मजारी को नौ मई को हुए दंगों के बाद पुलिस हिरासत में ले लिया गया था जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.

अपनी गिरफ्तारी से पहले इमान ने खुद ‘एक्स’ पर बताया कि ”अज्ञात लोग” उनके घर के कैमरे तोड़ रहे हैं, दरवाजा तोड़ रहे और उसे फांदकर अंदर घुस रहे हैं. इस बीच, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने इमान की गिरफ्तारी की निंदा की और उन्हें तत्काल तथा बिना किसी शर्त के रिहा करने को कहा.

इमान मजारी काफी मुखर रही हैं और सेवानिवृत्त सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में पिछले साल से आपराधिक मुकदमे का सामना कर रही हैं. वह अपनी 57 वर्षीय मां के पूर्ववर्ती पीटीआई सरकार में मंत्री रहने के दौरान उनकी भी आलोचक रह चुकी हैं.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu