संसद भले ही उन्हें राहत दे दे, लेकिन राहुल पर खतरा बना हुआ है: भाजपा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 04 Aug 2023 07:41 PM
संसद भले ही उन्हें राहत दे दे, लेकिन राहुल पर खतरा बना हुआ है: भाजपा
ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. मानहानि के एक मामले में राहुल गांधी की दोषसिद्धि पर उच्चतम न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को कहा कि संसद ‘अभी कुछ हद तक कुछ कर सकती है’ लेकिन कांग्रेस नेता पर अब भी खतरा बना हुआ है, क्योंकि उनके खिलाफ कई अन्य आपराधिक मानहानि के मामले लंबित हैं.

राहुल गांधी को बड़ी राहत देते हुए शीर्ष अदालत ने 2019 के मानहानि मामले में उनकी दोषसिद्धि पर रोक लगा दी. इस फैसले ने उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है. लोकसभा अध्यक्ष अब राहुल की सदस्यता को बहाल कर सकते हैं या फिर गांधी सांसद के रूप में अपनी सदस्यता बहाल करने की मांग कर सकते हैं.

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक ट्वीट में कहा, ”बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी?” मालवीय ने कहा कि गांधी के खिलाफ कई अन्य आपराधिक मानहानि के मामले लंबित हैं, जिनमें स्वतंत्रता सेनानी के परिवार द्वारा दायर ‘आदरणीय वीर सावरकर पर कीचड़ उछालने का हाई प्रोफाइल मामला’ भी शामिल है.
भाजपा नेता ने कहा, ”नेशनल हेराल्ड घोटाले में राहुल गांधी भी अपनी मां सोनिया गांधी के साथ आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.” उन्होंने कहा कि इनमें से किसी भी मामले में दोषी ठहराए जाने पर गांधी को फिर से अयोग्य ठहराया जा सकता है.

उन्होंने कहा, ”राहुल गांधी पर खतरा बना हुआ है लेकिन, अभी के लिए संसद उदारता के साथ कुछ कर सकती है.” भाजपा नेता ने कहा, ”इससे पहले भी उच्चतम न्यायालय ने गांधी को गलत टिप्पणी करने के लिए फटकार लगाई थी.” शीर्ष अदालत ने 2019 में राफेल मामले के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ उनकी ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी के लिए चेतावनी दी थी. वरिष्ठ कांग्रेस नेता के बिना शर्त माफी मांगने के बाद अदालत ने भविष्य में उन्हें और अधिक सावधान रहने की हिदायत दी थी.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu