प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 24 Aug 2023 10:21 PM
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं
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जोहानिसबर्ग/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर ईरान, सेनेगल और मोजाम्बिक के राष्ट्रपतियों सहित कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं और उनके साथ आपसी हितों के मुद्दों तथा कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा की.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इथियोपियाई समकक्ष अबी अहमद अली के साथ एक “सार्थक बैठक” की. प्रधानमंत्री ने अफ्रीकी नेता से उस दिन मुलाकात की जब ब्रिक्स नेताओं ने आधिकारिक तौर पर इस समूह में इथियोपिया के प्रवेश को मंजूरी दी.

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ फलदायी बातचीत की. इथियोपिया के ब्रिक्स में शामिल होने पर उन्हें बधाई दी. हमने व्यापार, रक्षा और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में रिश्तों को बढ.ावा देने के तरीकों पर चर्चा की.” उनके कार्यालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स परिवार के नए सदस्य के रूप में इथियोपिया का स्वागत किया.
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि दोनों नेताओं ने “सार्थक बैठक” की.

बागची ने ‘एक्स’ पर कहा, “प्रधानमंत्री ने इथियोपिया की ब्रिक्स की सदस्यता पर प्रधानमंत्री अली को बधाई दी. प्रधानमंत्री अली ने इथियोपिया को ब्रिक्स परिवार में शामिल करने के लिए भारत के समर्थन की सराहना की.” प्रधानमंत्री अली ने चंद्रयान मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और इसे इथियोपिया तथा ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए गर्व व प्रेरणा का क्षण बताया.

बागची ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “चर्चा में संसदीय संपर्क, विकास साझेदारी और क्षमता निर्माण, व्यापार और निवेश, रक्षा, आईसीटी, कृषि, युवाओं के कौशल और लोगों से लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार करने के तरीकों पर चर्चा हुई.” प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी से भी मुलाकात की और दोनों नेताओं ने व्यापार व निवेश, ऊर्जा, संपर्क, आतंकवाद और अफगानिस्तान सहित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की.

बागची ने कहा, “भारत-ईरान सभ्यतागत संबंधों को बढ.ावा देना! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर ईरान के राष्ट्रपति सैय्यद इब्राहिम रईसी के साथ द्विपक्षीय बैठक की. प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स परिवार में शामिल होने पर ईरान को बधाई दी. राष्ट्रपति रईसी ने इसे (सदस्यता) हासिल करने में भारत के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. राष्ट्रपति रईसी ने चंद्रयान मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री को बधाई भी दी.” दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, ऊर्जा, संपर्क और आतंकवाद विरोधी क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की.

उन्होंने कहा, “वे चाबहार परियोजना सहित बुनियादी ढांचे के सहयोग में तेजी लाने पर सहमत हुए. उन्होंने अफगानिस्तान सहित क्षेत्रीय विकास पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.” ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के नेताओं ने बृहस्पतिवार को अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को समूह के नए सदस्यों के रूप में शामिल करने का फैसला किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी साल से भी मुलाकात की और द्विपक्षीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की. मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जोहानिसबर्ग में राष्ट्रपति मैकी साल से वार्ता की. भारत सेनेगल को एक मूल्यवान विकास भागीदार मानता है. हमने अपनी बैठक में ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, रक्षा और अन्य क्षेत्रों पर चर्चा की.” विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों नेताओं ने एक “सार्थक बैठक” की, जिस दौरान राष्ट्रपति साल ने चंद्रयान मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और कहा कि यह वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) के लिए एक प्रेरणा है. बागची ने कहा, “उन्होंने (साल ने) विकासशील दुनिया की प्राथमिकताओं की वकालत करने में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की.” मोदी मंगलवार को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर दक्षिण अफ्रीका पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया. उन्होंने मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलिप न्यूसी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की.

बागची ने ‘एक्स’ पर कहा, “हिंद महासागर क्षेत्र में एक प्रमुख भागीदार से संपर्क. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मोजाम्बिक के राष्ट्रपति फिलिप न्यूसी से मुलाकात की. राष्ट्रपति न्यूसी ने चंद्रयान मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री को बधाई दी. राष्ट्रपति न्यूसी ने एयू की जी20 स्थायी सदस्यता के लिए भारत की पहल की भी सराहना की.” उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने संसदीय संपर्क, रक्षा, आतंकवाद का विरोध, ऊर्जा, खनन, स्वास्थ्य, व्यापार और निवेश, क्षमता निर्माण, समुद्री सहयोग तथा लोगों से लोगों के संबंधों सहित व्यापक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ.ाने के तरीकों पर चर्चा की.

बुधवार को उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति रामफोसा के साथ द्विपक्षीय बैठक की जिस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने के लिए संयुक्त रूप से काम करने के तरीकों पर भी चर्चा की.

ब्रिक्स का विस्तार सभी वैश्विक संस्थानों के लिये संदेश : प्रधानमंत्री मोदी

ब्रिक्स द्वारा छह देशों को अपने नए सदस्य के तौर पर शामिल करने का फैसला किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि समूह का “आधुनिकीकरण और विस्तार” यह संदेश है कि सभी वैश्विक संस्थानों को बदलते दौर में खुद को बदलने की जरूरत है.

जोहानिसबर्ग में ब्रिक्स नेताओं के साथ एक मीडिया ब्रीफिंग में मोदी ने कहा कि अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को नए सदस्यों के रूप में शामिल करने से समूह को नयी ऊर्जा और दिशा मिलेगी. तीन दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के अंत में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने पांच देशों के समूह के विस्तार पर निर्णय की घोषणा की.

उन्होंने कहा कि नए सदस्य देश एक जनवरी, 2024 से ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) का हिस्सा बन जाएंगे.
रामफोसा, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की मौजूदगी में अपने मीडिया बयान में मोदी ने कहा कि भारत ने हमेशा ब्रिक्स की सदस्यता के विस्तार का पूर्ण समर्थन किया है.

उन्होंने कहा, “भारत का विचार रहा है कि नए सदस्यों के शामिल होने से ब्रिक्स एक संगठन के रूप में और मजबूत होगा तथा हमारे सभी साझा प्रयासों को नयी गति मिलेगी.” मोदी ने कहा कि समूह के विस्तार का निर्णय बहुध्रुवीय दुनिया में कई देशों के विश्वास को और मजबूत करेगा.

उन्होंने कहा, “अन्य देशों ने भी ब्रिक्स में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है, भारत उन्हें भागीदार देशों के रूप में शामिल करने के लिए आम सहमति बनाने में योगदान देगा.” मोदी ने कहा, “ब्रिक्स का विस्तार और आधुनिकीकरण एक संदेश है कि दुनिया के सभी संस्थानों को बदलते समय की परिस्थितियों के अनुरूप ढलना चाहिए.” उन्होंने कहा, “यह एक ऐसी पहल है जो 20वीं सदी में स्थापित अन्य वैश्विक संस्थानों के सुधार के लिए एक उदाहरण बन सकती है.”

भारत और कई अन्य देश भू-राजनीति के बदलते स्वरूप को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक जैसे वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार के लिए दबाव डाल रहे हैं. उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि हमारी टीम ब्रिक्स के विस्तार के लिए मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं पर एक साथ सहमत हुई हैं और इन्हीं के आधार पर हम अर्जेंटीना, मिस्र, ईरान, सऊदी अरब, इथियोपिया और यूएई का ब्रिक्स में स्वागत करने पर सहमत हुए हैं.”

मोदी ने कहा, “मैं इन देशों के नेताओं और लोगों को बधाई देता हूं. मुझे यकीन है कि इन देशों के साथ मिलकर हम अपने सहयोग को एक नयी गति, एक नयी ऊर्जा देंगे.” नए ब्रिक्स सदस्यों के रूप में शामिल किए गए देशों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इन सभी के साथ भारत के बहुत गहरे और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. उन्होंने कहा, “ब्रिक्स की मदद से निश्चित रूप से हमारे द्विपक्षीय सहयोग में नए आयाम जुड़ेंगे.” रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अपना मीडिया बयान दिया.

 

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