नयी दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश में स्कूलों की दशा सुधारने के लिए साथ मिलकर काम करने का अनुरोध किया और अपनी सरकार के अनुभवों का इस्तेमाल करने की पेशकश की. इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई.
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि दिल्ली में खराब शिक्षा व्यवस्था को देश के लिए मॉडल नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि मोदी तभी से सरकारी स्कूलों में शिक्षा को सुधारने और इसे प्रभावी बनाने के लिए काम कर रहे हैं जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे.
मोदी की गुजरात के गांधीनगर की यात्रा और वहां एक स्कूल में उनकी बच्चों से मुलाकात के बाद केजरीवाल ने यह टिप्पणी की है.
केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘पीएम सर, हमने दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम किया है. पांच साल में दिल्ली के सारे सरकारी स्कूल शानदार बना दिये. पूरे देश के स्कूल पांच साल में ठीक हो सकते हैं. हमें अनुभव है. आप हमें पूरी तरह इसके लिए इस्तेमाल कीजिए कृपया. मिलकर करते हैं ना. देश के लिए.’’
उन्होंने छात्रों के साथ एक कक्षा में बैठे हुए प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर भी पोस्ट की. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘मुझे बेहद ख़ुशी है कि आज देश की सभी पार्टियों और नेताओं को शिक्षा और स्कूलों की बात करनी पड़ रही है. यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है. मैं उम्मीद करता हूँ कि केवल चुनाव के दौरान शिक्षा याद ना आए. सभी सरकारें मिलकर महजÞ पांच साल में सभी सरकारी स्कूलों को शानदार बना सकती हैं.’’ दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल भेजेगी, वहीं आप पार्टी उन्हें स्कूलों में जाने को मजबूर करेगी.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘वे हमें जेल भेजेंगे. हम उन्हें स्कूल भेजेंगे.’’ मालवीय ने कहा कि मोदी का उद्देश्य धरातल पर चीजों को बदलने का रहा है. उन्होंने आप नेता के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा, ‘‘वह (मोदी) आपकी तरह केवल विज्ञापन देने के लिए राजनीति नहीं करते.’’ गुजरात चुनाव से पहले भाजपा और आप के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.