इंफाल. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू की और देश के लिए ऐसा दृष्टिकोण रखने पर जोर दिया, जो हिंसा और नफरत पर नहीं, बल्कि सद्भाव और भाईचारे पर आधारित होगा. इंफाल के निकट थोबल से बस के जरिये यात्रा शुरू करने से पहले गांधी ने यह भी कहा कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ इसलिये निकाली जा रही है, क्योंकि देश भारी अन्याय के दौर से गुजर रहा है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कई सांसदों की मौजूदगी में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई. यात्रा के पहले ही दिन पार्टी को उस वक्त झटका लगा, जब पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, कांग्रेस ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘हेडलाइन मैंनेजमेंट’ के लिए इस्तीफे का समय तय किया.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने यात्रा शुरू करने से पहले खोंगजोम युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की. यात्रा की शुरुआत के मौके पर आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में महिला और युवा शामिल हुए. बहुजन समाज पार्टी से निलंबित सांसद दानिश अली भी इस यात्रा का हिस्सा बने. इस कार्यक्रम में सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी मौजूद नहीं थीं.
यात्रा की शुरुआत के मौके पर राहुल गांधी ने कहा, “29 जून को मैं मणिपुर आया था और उस दौरे में जो मैंने देखा, जो सुनाङ्घ मैंने पहले कभी नहीं देखा था, नहीं सुना था. 2004 से मैं राजनीति में हूं, पहली बार मैं हिंदुस्तान के एक प्रदेश में गया, जहाँ शासन का पूरा का पूरा ढांचा ध्वस्त हो गया था.” उन्होंने दावा किया, “जिसको हम मणिपुर कहते थे, 29 जून के बाद वो मणिपुर रहा ही नहींङ्घ. बंट गया, कोने-कोने में नफ.रत फैली, लाखों लोगों को नुकसान हुआ, भाई-बहन, माता-पिता आंखों के सामने मरे.”
राहुल गांधी ने दावा किया, “आज तक हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री मणिपुर में आपके आंसू पोंछने, आपसे गले लगने, आपका हाथ पकड़ने नहीं आए… शर्म की बात है. शायद नरेन्द्र मोदी जी के लिए, भाजपा और आरएसएस के लिए मणिपुर हिंदुस्तान का भाग ही नहीं है.” उन्होंने कहा, “सवाल उठता है कि न्याय यात्रा क्यों? क्योंकि हम भारत में बड़े अन्याय के दौर से गुजर रहे हैं. सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अन्याय… सिर्फ मणिपुर के लोगों, मणिपुर की परंपराओं के खिलाफ अन्याय नहीं है , बल्कि पूरे देश में अन्याय है.”
उन्होंने दावा किया, “आर्थिक दृष्टि से एकाधिकार स्थापित हो रहा है और कुछ लोगों की देश की सारी संपत्तियों तक पहुंच है. अधिकतर व्यवसाय, छोटे और मध्यम व्यवसाय नष्ट हो रहे हैं. बड़े स्तर की बेरोजगारी, बड़े पैमाने पर महंगाई का सामना पूरा भारत कर रहा है.” उन्होंने कहा, “दलितों, आदिवासियों की देश की शासन व्यवस्था में कोई कारगर दखल नहीं है… ये वे मुद्दे हैं, जिन्हें हम ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ उठाने जा रहे हैं.”
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”हिंदुस्तान का जो अगला विज.न होगाङ्घ, वह हिंसा का नहीं, नफ.रत का नहीं, एकाधिकार का नहीं, बल्कि सद्भाव, समुचित भागीदारी और भाईचारे का दृष्टिकोण होगा, जिसे हम आपके साथ मिलकर, आपकी आवाज. सुनकर हिंदुस्तान के सामने रखने जा रहे हैं. ” उन्होंने कहा कि वह इस यात्रा में भी पदयात्रा करना चाहते थे, लेकिन लोकसभा चुनाव के चलते समय की कमी के कारण ऐसा नहीं कर रहे हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जनता के साथ ‘मुंह में राम बगल में छुरी’ जैसा व्यवहार नहीं करना चाहिए तथा आस्था के नाम पर वोट पाने के लिए “ढोंगबाजी” नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वोट हासिल करने के लिए मणिपुर आए थे, लेकिन जब यहां के लोगों पर संकट आया, तो वह यहां नहीं आए. कांग्रेस ने इस यात्रा के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अपने सहयोगी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है और उसे उम्मीद है कि विभिन्न राज्यों में इस गठबंधन से जुड़े दलों के प्रमुख नेता यात्रा का हिस्सा बनेंगे.
कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले निकाली जा रही यह यात्रा 67 दिन में 15 राज्यों और 110 जिलों से होकर गुजरेगी.
‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान लगभग 6,700 किलोमीटर की दूरी तय की जायेगी. यात्रा ज्यादातर बस से होगी, लेकिन कहीं-कहीं पदयात्रा भी होगी. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सात सितंबर 2022 से 30 जनवरी 2023 तक कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली थी. उनकी 136 दिन की इस पदयात्रा में 12 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों के 76 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए 4,081 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी.