माओवादियों से बातचीत से इनकार, शाह ने माओवादियों से हथियार छोड़ने, मुख्यधारा में शामिल होने को कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 29 Jun 2025 10:08 PM
माओवादियों से बातचीत से इनकार, शाह ने माओवादियों से हथियार छोड़ने, मुख्यधारा में शामिल होने को कहा
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हैदराबाद/इंदौर. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने माओवादियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार करते हुए रविवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन के कार्यकर्ताओं को हथियार छोड़ पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर देना चाहिए और मुख्यधारा में शामिल होना चाहिए.

तेलंगाना के निजामाबाद में हल्दी बोर्ड के राष्ट्रीय मुख्यालय का उद्घाटन करने के बाद एक रैली को संबोधित करते हुए शाह ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर सवाल उठा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इसके प्रभाव को समझने के लिए पाकिस्तान की कमजोर हालत देखनी चाहिए.

शाह ने कहा, ”कांग्रेस (केंद्र से) इन लोगों (माओवादियों) से बातचीत करने को कहती है. हमारी सरकार की हथियार रखने वालों से ‘बात नहीं करने’ की नीति है. हथियार छोड़ दें, आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में शामिल हों.” उन्होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर में करीब 10,000 लोगों ने हथियार छोड़ दिए और मुख्यधारा में शामिल हो गए. शाह ने कहा कि इन लोगों ने तालुक स्तर से लेकर राज्य विधानसभाओं तक के पदों के लिए हुए चुनावों में भी हिस्सा लिया. इसी तरह पिछले डेढ़ साल में 2,000 से ज़्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. गृह मंत्री ने कहा, “हथियार छोड़ो और आत्मसमर्पण करो. अगर आप आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो हमने तय किया है कि 31 मार्च

2026 से पहले इस देश से नक्सलवाद को मिटा दिया जाएगा.” उन्होंने कहा कि आदिवासी इलाकों में नक्सली हिंसा में पिछले चार दशकों में 40,000 लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने कहा कि कई आदिवासियों ने अपने अंग या यहां तक कि अपनी जान भी गवां दी. उन्होंने पूछा कि जो लोग नक्सलवाद के पक्ष में बात करते हैं, वे माओवादी हिंसा में जान गंवाने वाले आदिवासियों और सुरक्षार्किमयों के परिजनों को क्या जवाब देंगे.

शाह ने कहा कि उन्हें आशंका है कि कांग्रेस देशभर में घूम रहे नक्सलियों को तेलंगाना में पनाह न दे दे. हालांकि, उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में है. शाह ने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से कहा कि उन्हें राज्य को नक्सलियों का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए. उन्होंने कहा, “वह (रेड्डी) कुछ भी कर सकते हैं. लेकिन, मैं फिर कहता हूं. हम 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को खत्म कर देंगे.” शाह ने कहा कि केंद्र ने पिछले 11 वर्षों के दौरान देश में हुए तीन बड़े आतंकी हमलों का कड़ा जवाब दिया.

उन्होंने कहा कि उरी आतंकी घटना के बाद ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ की गई, जबकि पुलवामा आतंकी हमले के बाद एयर स्ट्राइक की गई. शाह ने कहा कि पहलगाम आतंकी घटना के बाद पाकिस्तान में घुसकर जवाब दिया गया. शाह ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी आज भी कुछ न कुछ सवाल पूछते रहते हैं. राहुल बाबा, आप किस तरह का सबूत मांग रहे हैं? पाकिस्तान की (बुरी) हालत देखिए, तब आपको समझ में आएगा.”

मप्र में नक्सल समस्या खात्मे की ओर, छह महीने में 10 नक्सलियों का ‘रिकॉर्ड’ सफाया : डीजीपी

मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने रविवार को दावा किया कि सूबे में केवल एक जिले में सीमित नक्सल समस्या भी अब खात्मे की ओर है और राज्य पुलिस ने पिछले छह महीने के भीतर मुठभेड़ों में 10 नक्सलियों का सफाया करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है. केंद्र सरकार ने देश भर में नक्सलवाद को मार्च 2026 तक पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है.

मकवाना ने इंदौर जोन के पुलिस अधिकारियों की बैठक के दौरान संवाददाताओं को बताया,”नक्सल समस्या कई वर्षों से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है. हालांकि, मध्यप्रदेश में मोटे तौर पर नक्सल समस्या से केवल बालाघाट जिला प्रभावित है.” उन्होंने बताया कि प्रदेश पुलिस ने पिछले छह महीने के दौरान मुठभेड़ों में 10 नक्सलियों का खात्मा किया है और यह एक ‘रिकॉर्ड’ है.

मकवाना ने कहा,”हमारे अनुमान के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में 40-45 नक्सली होंगे. हम नक्सल समस्या के उन्मूलन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. मानसून में भी हमारा नक्सल विरोधी अभियान जारी रहेगा.” उन्होंने बताया कि सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अगुवाई में हर महीने बैठक लेकर नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा की जा रही है और नक्सल समस्या के खात्मे के लिए पुलिस की विशेष इकाई ‘हॉक फोर्स’ के 325 नये पद स्वीकृत किए गए हैं.

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