रियलिटी शो में बॉलीवुड सिंगर के कपड़ों को लेकर नई बहस छिड गई है और इसमें कूद गई हैं गायिका सुनिधि चौहान और नेहा कक्कड़! सुनिधि चौहान ने अपने कॉन्सर्ट में जो कपड़े पहने, उसे लेकर विवाद हुआ है और नेहा कक्कड़ ने तीखा जवाब दिया है।
भारत की सबसे दमदार और बहुमुखी प्लेबैक सिंगर्स में से एक, सुनिधि_चौहान, इन दिनों अपने संगीत के अलावा एक और वजह से चर्चा में हैं। सूरत में हुए एक कॉन्सर्ट से जुड़े विवाद से लेकर रियलिटी शो इंडस्ट्री पर छिड़ी बहस तक, वह सोशल मीडिया पर चर्चा का मुख्य विषय बन गई हैं।
विगत अक्टूबर माह को सूरत में हुए उनके एक कॉन्सर्ट के दौरान, बजरंग दल के सदस्यों ने स्टेज पर डांसर्स के कपड़ों पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ये कपड़े परिवारों के देखने के हिसाब से ठीक नहीं थे। इवेंट के आयोजकों ने इन आपत्तियों का विरोध किया और सवाल उठाया कि इस विरोध के पीछे आखिर मकसद क्या है।
इस घटना ने एक बार फिर कलात्मक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक मूल्यों और लाइव परफॉरमेंस पर दूसरों का कितना नियंत्रण होना चाहिए, इस पर बहस छेड़ दी है।
सुनिधि चौहान बनाम नेहा कक्कड़
राज शमानी के पॉडकास्ट पर सुनिधि ने सिंगिंग रियलिटी शोज़ के बदलते कल्चर के बारे में बात की, जिसके बाद एक और चर्चा शुरू हो गई। उन्होंने रियलिटी शोज़ में जानबूझकर बनाए गए ड्रामे, परफॉरमेंस में की गई हेर-फेर और जजों पर कुछ खास कंटेस्टेंट्स का पक्ष लेने के लिए डाले जाने वाले दबाव को लेकर चिंता जताई।
सुनिधि की इन बातों ने सबका ध्यान खींचा, लेकिन नेहा कक्कड़ का इस पर अलग ही रिएक्शन था। सुनिधि पर तंज कसते हुए नेहा ने कहा, “अंगूर न मिलें तो खट्टे हैं।” उन्होंने ‘इंडियन आइडल’ का बचाव भी किया, जिससे यह मामला सोशल मीडिया पर एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया।
4 साल की उम्र से बॉलीवुड की पावरहाउस सिंगर तक का सफर
इन सुर्खियों के पीछे एक शानदार म्यूजिकल सफर छिपा है। सुनिधि ने महज चार साल की उम्र में परफॉर्म करना शुरू कर दिया था और 13 साल की उम्र में ‘मेरी आवाज़ सुनो’ शो जीता।
फिल्म ‘मस्त’ के गाने ‘रुकी रुकी सी ज़िंदगी’ से उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड को कई यादगार गाने दिए, जिनमें ‘धूम मचाले’, ‘बीड़ी जलाई ले’, ‘क्रेज़ी किया रे’, ‘देसी गर्ल’, ‘शीला की जवानी’ और ‘कमली’ जैसे हिट गाने शामिल हैं।
उनकी दमदार आवाज़, हर तरह के गाने गाने की अद्भुत क्षमता और स्टेज पर उनकी शानदार मौजूदगी ने उन्हें भारतीय संगीत जगत की सबसे पहचानी जाने वाली आवाज़ों में से एक बना दिया है।
बदलते ट्रेंड्स और पीढ़ियों के बीच, सुनिधि चौहान ने इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाए रखी है।
क्या सूरत में सुनिधि के कॉन्सर्ट पर जताई गई आपत्ति जायज़ थी, या कलाकारों को अपने स्टेज परफॉरमेंस को लेकर पूरी आज़ादी होनी चाहिए?