वह वक़्त मुश्किल होता है उस पुलिस कप्तान के लिए जिसके आदेश पर कोई काम करें और वो ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो जाए !
कल रात इंदौर से सटे देवास ज़िले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पूरी एक अवैध रूप से शाराब ले जा रहे ट्रक को पकड़ने के दौरान शहीद हो गए। जिस ट्रक को वह पकड़ रहे थे उसी ट्रक ड्राइवर ने उन पर गाड़ी चढ़ा दी।
पुलिस टीम शराब से भरे आयशर वाहन को पकड़ने पहुंची थी। इसी दौरान चालक ने ट्रक आगे बढ़ा दिया और पिछला पहिया TI के ऊपर से गुजर गया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन करीब दो घंटे के इलाज के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका। देवास पुलिस इसलिए चौकस थी क्योंकि पिछले हफ़्ते देवास में ज़हरीली दारू पीने से लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी।
विपक्ष के दबाव में सरकार ने SP और DM को हटा दिया था। नए SP साहब ने अपने आगमन के बाद अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया था।
आज जब दिलीप पूरी की शव यात्रा निकली तो देवास SP आदित्य मिश्रा कंधा देने पहुंचे और भावुक हो गए। दिलीप पुरी साल 2007 बैच के सब इंस्पेक्टर थे. वे मूल रूप से धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम बरमंडल के निवासी थे। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने खंडवा, आलीराजपुर, बालाघाट, सतना, इंदौर और बड़वानी में सेवाएं दी थीं। कुछ महीने पहले ही उनका बड़वानी से देवास तबादला हुआ था।
इससे पूर्व सितंबर 2022 में शराब माफिया से जुड़े लोगों ने एक SDM और तहसीलदार के साथ न सिर्फ मारपीट की थी बल्कि उन्हें किडनैप करने की भी कोशिश की थी जब उन्होंने अवैध शराब से भरे ट्रक को पकड़ने की कोशिश की थी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने की घोषणा की है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है। पुलिस ने एक आरोपी केरम सिंह को गिरफ्तार किया है, जबकि फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है।
कांग्रेस नेता गिरफतार
मध्य प्रदेश के देवास जिले के चंदाना में जहरीले केमिकल से बनी अवैध शराब और संदिग्ध मौतों के मामले में पुलिस की जांच अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गई है. इस मामले में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इससे पहले पुलिस कांग्रेस प्रवक्ता के बेटे अमन कासलीवाल को भी गिरफ्तार कर चुकी है. अमन पर जहरीला केमिकल मेथनॉल अवैध शराब बनाने वाले गिरोह को बेचने का शक है. पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे आरोपी बनाया था.