कोलंबो. श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने देश में अब तक के सबसे बड़े आर्थिक संकट से निपटने के लिए सभी दलों से सरकार में शामिल होने और ‘हस्तक्षेप के औजार’ के रूप में इसका (देश का) इस्तेमाल करने से ‘‘मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देशों’’ को रोकने की मंगलवार को अपील की.
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका के एक बंदरगाह पर चीन के एक हाईटेक पोत को आने की अनुमति दिये जाने को लेकर कुछ दिन पहले भारत और चीन के बीच जुबानी जंग हुई थी. राष्ट्रपति विक्रमसिंघे की यह टिप्पणी वित्त मंत्री के तौर पर 2022 के लिए उनके द्वारा संशोधित बजट पेश किये जाने के दौरान आयी है.
विक्रमसिंघे ने कहा, ‘‘हम अब रिण सहायता पर निर्भर देश नहीं रह सकते हैं. हमारा इस्तेमाल अब मजबूत अर्थव्यवस्था वाले अन्य देशों द्वारा हस्तक्षेप के औजार के रूप में नहीं किया जा सकता.’’ चीनी पोत ‘युआन वांग5’ के श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर आने को लेकर चीन और भारत के बीच जुबानी जंग होने के कुछ दिनों बाद उनकी यह टिप्पणी आई है.
उन्होंने कहा, ‘‘यह सब कुछ तभी हासिल किया जा सकता है, जब हम साझा सहमति के साथ एकजुट होकर काम करें. मैं संसद में प्रतिनिधित्व रख रहे सभी दलों को एक सर्वदलीय सरकार में शामिल होने का अपना न्योता दोहराता हूं क्योंकि देश की जरूरतों को प्राथमिकता दिये जाने की जरूरत है.’’ श्रीलंका ने पोत को 16 से 22 अगस्त तक पोत को अपने बंदरगाह पर लगाने की अनुमति दी थी.
श्रीलंका के राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने अंतरिम बजट पेश किया, लोगों की आय बढ़ाने पर जोर
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने मंगलवार को संसद में अंतरिम बजट पेश किया. उन्होंने संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के साथ राहत पैकेज को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है. इस बजट का उद्देश्य सबसे कठिन आर्थिक संकट का सामना कर रहे देश के लोगों की आय बढ़ाना और उन्हें राहत प्रदान करना है.
वित्त मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे राष्ट्रपति विक्रमंिसघे ने संसद को बताया कि अंतरिम बजट देश में अबतक मौजूद आर्थिक रचना में बदलाव की नींव रखेगा. उन्होंने कहा कि आईएमएफ के साथ राहत पैकेज पर बातचीत सफल रही है और यह अंतिम चरण में पहुंच गई है. बातचीत पूरी होने के बाद संसद को आगे की जानकारी दी जायेगी.
आईएमएफ की एक टीम वर्तमान में राहत पैकेज कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए श्रीलंका में है. यह कार्यक्रम नकदी संकट का सामना रहे देश के लिए मौजूदा आर्थिक संकट से निपटने में मददगार साबित हो सकता है. गौरतलब है कि 2.2 करोड़ की आबादी वाला श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल की चपेट में है. द्वीपीय देश में लाखों लोगों को भोजन, दवा, ईंधन और अन्य आवश्यक चीजें खरीदने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
संसद में अपने संबोधन में राष्ट्रपति विक्रमंिसघे ने कहा कि कई लोग अब भी इस बात से अनजान हैं कि वित्तीय संकट कितना गंभीर है. उन्होंने कहा कि इस अवसर का उपयोग पिछली गलतियों को सुधारने और दीर्घकालिक नीतियों को लागू करने के लिए करना चाहिए. इससे अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और चुनौतियों से उबरने में मदद मिलेगी. अंतरिम बजट में आयकर, मूल्य र्विधत कर (वैट), दूरसंचार कर और सट्टेबाजी तथा गेंिमग कर से संबंधित कई कर सुधार पेश किए गए हैं.