बेंगलुरु, कर्नाटक में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने BEML लिमिटेड के हाई-स्पीड रेल निर्माण परिसर का दौरा कर देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तैयार की जा रही B-28 ट्रेन का डिजाइन पूरा हो चुका है और इसके विभिन्न सिस्टमों का निर्माण बेंगलुरु स्थित BEML परिसर में तेजी से किया जा रहा है।
रेल मंत्री के मुताबिक, B-28 ट्रेन को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) और BEML मिलकर विकसित कर रहे हैं। इसके निर्माण के लिए BEML के बेंगलुरु परिसर में अत्याधुनिक ‘आदित्य’ हाई-स्पीड रेल निर्माण इकाई विकसित की गई है। यहां उच्च परिशुद्धता वाली मशीनों और रोबोटिक लेजर वेल्डिंग तकनीक की मदद से ट्रेन के विभिन्न हिस्सों का निर्माण किया जा रहा है।
B-28 परियोजना भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक और स्वदेशी विनिर्माण क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस ट्रेन की डिजाइन गति 280 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। परियोजना का उद्देश्य केवल बुलेट ट्रेन चलाना ही नहीं, बल्कि देश में इसके निर्माण, तकनीक और आपूर्ति व्यवस्था का मजबूत आधार तैयार करना भी है।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की आधारशिला 14 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद में रखी थी। इस परियोजना में जापान की शिंकानसेन तकनीक और जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (JICA) के माध्यम से उपलब्ध कराए गए रियायती ऋण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुंबई-अहमदाबाद के बाद दिल्ली से गुवाहाटी तक बुलेट ट्रेन का प्लान सरकार ने बनाया है।
भारत की पहली स्वदेशी B-28 ट्रेन का निर्माण इसी हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए किया जा रहा है। इसके तैयार होने के बाद परीक्षण और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। देश में बुलेट ट्रेन के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।