नयी दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक विकास दर और रोजगार सृजन से जुड़े कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि युवाओं को बेरोजग़ार बनाए रखना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का एकमात्र मिशन है.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”मोदी सरकार, भले ही बेरोजग़ारी पर सिटी ग्रुप जैसी स्वतंत्र आर्थिक रिपोर्टों को नकार रही हो, पर सरकारी आंकड़ों को कैसे नकारेगी? सच ये है कि पिछले 10 साल में करोड़ों युवाओं के सपनों को चकनाचूर करने की ज.म्मिेदार केवल मोदी सरकार पर है.” उन्होंने कहा, ” ताज.ा आंकड़े इस प्रकार हैं. एनएसएसओ (राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय) के सर्वेक्षण के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र में अनिगमित इकाइयों में सात वर्षों में 54 लाख नौकरियां ख.त्म हो गई हैं. वर्ष 2010-11 में पूरे भारत में 10.8 करोड़ कर्मचारी अनिगमित गैर-कृषि उद्यमों में कार्यरत थे, जो अब 2022-23 में 10.96 करोड़ हो गए हैं, यानी 12 वर्षों में केवल 16 लाख. की मामूली वृद्धि है.”
उनके अनुसार, ” ताज.ा आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में कहा गया है कि शहरी बेरोजग़ारी दर 6.7 प्रतिशत है. मोदी सरकार कर्मचारी भविष्य निधि का डाटा दिखाकर औपचारिक इकाइयों में रोजग़ार सृजन का ढ.ोल पीटती है, पर अगर हम वो डाटा सच भी मान लें तो भी 2023 में उसमें नई नौकरियों में 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है.” खरगे ने कहा कि ‘सिटीग्रुप’ की ताज.ा रिपोर्ट के अनुसार, देश में सालाना 1.2 करोड़ नौकरियों की ज.रुरत है, और सात प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर भी युवाओं के लिए पर्याप्त नौकरियां पैदा नहीं कर पायेगी, जबकि मोदी सरकार के तहत देश में औसतन केवल 5.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘सरकारी नौकरियां हों या निजी क्षेत्र, स्वरोजग़ार हो या असंगठित क्षेत्र – मोदी सरकार का एक ही मिशन है – युवाओं को बेरोजग़ार बनाए रखना.”