भारत के प्रदर्शनों पर अमेरिकी सांसदों की नजर: भारत में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित तौर पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग और प्रदर्शनकारियों की निगरानी के आरोपों को लेकर अमेरिका के छह डेमोक्रेटिक सांसदों ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो से हस्तक्षेप की मांग की है। सांसदों ने रूबियो से अगले सप्ताह भारत दौरे के दौरान भारतीय अधिकारियों के सामने ये मुद्दे उठाने का आग्रह किया है।
पत्र पर प्रामिला जयपाल, इल्हान उमर, जिम मैकगवर्न, रशीदा तलीब, एलेनोर होम्स नॉर्टन और जीसस गार्सिया के हस्ताक्षर हैं। शुक्रवार को लिखे इस पत्र में उन्होंने दिल्ली और भारत के अन्य हिस्सों में छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित दमन, गलत तरीके से हिरासत में लेने और अत्यधिक बल प्रयोग पर चिंता जताई।
सीजेपी प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन का जिक्र
सांसदों ने पत्र में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल हुआ। उनके मुताबिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने का अधिकार अमेरिका और भारत, दोनों की लोकतांत्रिक पहचान का अहम हिस्सा है।
भारतीय राजनयिक मिशनों पर भी आरोप
छह सांसदों ने अमेरिका में भारतीय दूतावास और अन्य शहरों के वाणिज्य दूतावासों पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी के लिए फोटोग्राफर तैनात करने का आरोप भी लगाया। उनका दावा है कि अमेरिका में सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों पर नजर रखी गई और उन्हें डराने की कोशिश की गई। उन्होंने रूबियो से इन आरोपों की गहन जांच कराने की मांग की।
सांसदों ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अभिव्यक्ति और सभा की स्वतंत्रता का इस्तेमाल करने के कारण हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई का मुद्दा भी उठाया जाना चाहिए। उन्होंने अमेरिकी सरकार से यह आकलन करने को भी कहा कि क्या अमेरिका में लोगों को डराने या परेशान करने की भारत की ओर से लगातार घटनाएं हुई हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने अमेरिकी आर्म्स एक्सपोर्ट कंट्रोल एक्ट के तहत भारत की हथियार खरीद से जुड़ी पात्रता की समीक्षा की मांग भी की।
प्रामिला जयपाल ने एसआईआर पर जताई चिंता
पत्र में प्रामिला जयपाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मसौदा मतदाता सूची से 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर चिंता जताई और सीजेपी के प्रति समर्थन व्यक्त किया। इससे पहले अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने जयपाल की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें भारत के आंतरिक मामलों में ‘अस्वीकार्य हस्तक्षेप’ बताया था।
भारत-अमेरिका संबंधों पर उठे सवाल
सांसदों की मांग पर डेमोक्रेटिक नेता और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के सलाहकार रह चुके अजय जैन भूटोरिया ने जयपाल की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां अपनी अदालतें, स्वतंत्र प्रेस और 90 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। भूटोरिया के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस को भारत के आंतरिक मामलों पर उपदेश नहीं देना चाहिए, क्योंकि ऐसी टिप्पणियां दोनों देशों की अहम साझेदारी को कमजोर कर सकती हैं। उन्होंने अमेरिकी सांसदों को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देने की सलाह भी दी।
अगले सप्ताह भारत आएंगे रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले सप्ताह भारत का दौरा करेंगे। इस दौरान मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात प्रस्तावित है। अमेरिकी सांसदों ने इसी दौरे का हवाला देते हुए उनसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई, हिरासत और निगरानी के आरोप भारतीय पक्ष के सामने उठाने का आग्रह किया है।