नयी दिल्ली. कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या की वारदात को लेकर देशभर में जारी आक्रोश के बीच भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) के प्रमुख डॉ. आर.वी. अशोकन ने एक भावुक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने देशवासियों की पीड़ा व्यक्त की है. अशोकन ने ”शी: वी फेल्ड हर इन लाइफ” शीर्षक से यह पत्र लिखा है, जिसे चिकित्सकों की शीर्ष संस्था आईएमए ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया.
पत्र में लिखा गया है, ”एक राष्ट्र के रूप में हमने मृत्यु के बाद उसे निराश नहीं होने दिया. राष्ट्र की मनोदशा को समझना कठिन है. गुस्सा, घृणा, हताशा, लाचारी.” इस महीने की शुरुआत में हुई घटना के विरोध में देशभर में चिकित्सक विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
अशोकन ने कहा, ”वह 36 घंटे की ड्यूटी पर थी. रात के दो बजे खाना खाया और फिर वार्ड से सटे सेमिनार कक्ष में अस्थायी बिस्तर पर सो गई. निम्न मध्यम वर्गीय माता-पिता की इकलौती बेटी. प्रवेश द्वार पर डॉक्टर की नेमप्लेट परिवार के गौरव की निशानी बनकर रह गई. गमगीन हूं. जीवन का अर्थ और उद्देश्य खो गया है. हर भारतीय परिवार ने अपनी बेटी खोई है.”
उन्होंने अपने पत्र में इस बात का जिक्र किया है कि कैसे रेजिडेंट डॉक्टरों ने घटना के बाद सबसे पहले विरोध-प्रदर्शन शुरू किया. अशोकन ने कहा कि उनकी ”सतर्कता और दमखम को राष्ट्र की एकमात्र उम्मीद के रूप में देखा गया.” उन्होंने कहा, ”आईएमए… स्वतंत्रता संग्राम की आग में जन्मा और ये आग अब भी जल रही है. पेशे के प्रति विवेक रखने वाला. सभी जिलों में अपनी जड़ें जमाए हुए. निवासियों का रक्षक.” आईएमए प्रमुख ने कहा, ”डॉक्टर अनाथ नहीं हैं. अभी तक तो नहीं. एक बार सभी ने डॉक्टरों को अपनाया है.”