किसानों ने सरकार के ‘झूठे प्रस्ताव’ को ठुकराया क्योंकि उसकी नीयत साफ नहीं: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 20 Feb 2024 07:53 PM
किसानों ने सरकार के ‘झूठे प्रस्ताव’ को ठुकराया क्योंकि उसकी नीयत साफ नहीं: कांग्रेस
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने एक समिति गठित करने संबंधी सरकार के प्रस्ताव को किसान संगठनों द्वारा खारिज किए जाने के बाद मंगलवार को दावा किया कि सरकार की नीयत साफ नहीं है, इसलिए इस ‘झूठे प्रस्ताव’ को ठुकराया गया है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी मिलने से देश का किसान बजट पर बोझ नहीं, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का सूत्रधार बनेगा.

उन्होंने यह भी कहा कि यह झूठ बोला जा रहा है कि बजट के मद्देनजर एमएसपी की कानूनी गारंटी दे पाना संभव नहीं है. कांग्रेस का यह बयान ह्लदिल्ली चलोह्व आंदोलन में भाग लेने वाले किसान नेताओं द्वारा पांच साल के लिए सरकारी एजेंसियों द्वारा एमएसपी पर दालों, मक्का और कपास की खरीद के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज करने के एक दिन बाद आया है. किसान नेताओं ने कहा था कि केंद्र का प्रस्ताव किसानों के पक्ष में नहीं है. गत रविवार को किसान नेताओं के साथ चौथे दौर की बातचीत में तीन केंद्रीय मंत्रियों की एक समिति ने प्रस्ताव दिया था कि किसानों के साथ समझौता करने के बाद सरकारी एजेंसियां पांच साल तक दालें, मक्का और कपास एमएसपी पर खरीदेंगी.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”एक तरफ, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के आंदोलनरत किसानों को देशद्रोही, नक्सलवादी और ख.ालिस्तानी कहने की पूरी छूट (या हिदायत?) दी जा रही है. दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर सिफ.र् किसानों, मज.दूरों और आदिवासियों का पक्ष रखने वाले हैंडल्स/ अकाउंट्स सरकार द्वारा ब्लॉक करवाए जा रहे हैं. भाजपा कहती है वह किसानों से बातचीत करना चाहती है.” उन्होंने दावा किया, ”किसानों ने मोदी सरकार की चालाकी को समझ लिया है. उनकी नीयत साफ. नहीं है इसलिए उनकी एक और झूठी पेशकश को ठुकरा दिया गया है. कई देशों में इस समय किसान आंदोलन चल रहे हैं. लेकिन अभी तक किसी भी निर्वाचित सरकार ने लोकतंत्र का इस तरह गला नहीं घोंटा है.”

उच्चतम न्यायालय ने लोकतंत्र को ”निरंकुश भाजपा” के जबड़े से बचाया: कांग्रेस

कांग्रेस ने चंडीगढ़ महापौर चुनाव परिणाम को उच्चतम न्यायालय द्वारा पलटे जाने के बाद मंगलवार को कहा कि देश की सबसे बड़ी अदालत ने लोकतंत्र को ”निरंकुश भारतीय जनता पाटी” के जबड़े से बचाया है. पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव में धांधली के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और कहा कि निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह तो सिर्फ एक मोहरा थे.

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को चंडीगढ़ महापौर चुनाव के परिणाम को पलटते हुए आम आदमी पार्टी (आप) -कांग्रेस गठबंधन के पराजित उम्मीदवार कुलदीप कुमार को शहर का नया महापौर घोषित किया. न्यायालय ने 30 जनवरी के चुनाव के संचालन में गंभीर खामियां पाए जाने के बाद, निर्वाचन अधिकारी अनिल मसीह के खिलाफ “कदाचार” के लिए मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया. मसीह भाजपा नेता हैं.

वन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन प्रतिबद्ध: कांग्रेस

कांग्रेस ने ‘वन’ की परिभाषा से संबंधित उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश की सराहना करते हुए मंगलवार को कहा कि यदि 2024 में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की सरकार बनती है तो वह वनक्षेत्रों एवं पर्यावरण के संरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध रहेगी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह आरोप भी लगाया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से सरकार की उस ‘विनाशाकारी योजना’ पर रोक लगी है, जिसके माध्यम से वह भारत के जंगलों को अपने पूंजीपति मित्रों को सौंपना और पर्यावरण को प्रदूषित करना आसान बनाना चाहती थी.
उच्चतम न्यायालय ने देश भर में वन संरक्षण के लिए सोमवार को कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि वन भूमि पर चिड़ियाघर खोलने या ‘सफारी’ शुरू करने के किसी भी नये प्रस्ताव के लिए अब न्यायालय की मंजूरी की आवश्यकता होगी. शीर्ष अदालत ने इस अभ्यावेदन पर गौर किया कि संरक्षण संबंधी 2023 के संशोधित कानून के तहत वन की परिभाषा में लगभग 1.99 लाख वर्ग किलोमीटर वन भूमि को ‘जंगल’ के दायरे से बाहर रखा गया है और इसका उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.
रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”चुनावी बॉण्ड घोटाले के बाद उच्चतम न्यायालय ने स्पष्टतया मोदी सरकार की एक और अवैध एवं विनाशकारी योजना पर रोक लगा दी है.

सपा के साथ बातचीत अंतिम चरण में, समाधान निकाल लिया जाएगा: कांग्रेस

कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत अंतिम चरण में है और किसी भी समय समाधान निकाल लिया जाएगा. पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब ऐसी खबरें आई थीं कि सपा और कांग्रेस के बीच बातचीत पटरी से उतर गई है.

वेणुगोपाल ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ”यह (बातचीत) अंतिम चरण में है, इसे कभी भी अंतिम रूप दिया जा सकता है… चर्चा हो रही है. कुछ समय इंतजार करिये.” उनके अनुसार, कांग्रेस की गठबंधन समिति के सदस्य गठबंधन को लेकर बातचीत कर रहे हैं. वेणुगोपाल ने कहा, ”समाधान निकाल लिया जाएगा.”

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