मुंबई में दुर्गा पूजा का त्योहार आस्था, भव्य सजावट और सांस्कृतिक उत्सव का अनूठा संगम लेकर आता है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में आकर्षक पंडाल सजाए जाते हैं।
इन पंडालों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं, रंग-बिरंगी रोशनी, कलात्मक सजावट और पारंपरिक पूजा लोगों का ध्यान खींचती हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं।
इसी कड़ी का गौरवशाली पड़ाव है क्लब ‘कल्लोल’ का दुर्गा पूजा उत्सव। दुर्गा पूजा उत्सव का यह 62वां वर्ष और कल्लोल’ संस्था 66 साल पुरानी है।
इस बार इस उत्सव में बंगाल और महाराष्ट्र की संस्कृति का संगम देखने को मिल रहा है। यह बंगाली मुंबईकरों का उत्सव है, जो महाराष्ट्र और उसकी संस्कृति का सम्मान करते हैं, जिसने उन्हें अपना घर दिया है। यह भी याद करते चलिए कि मुंबई में गुजरातियों के गरबा की भी घूम मची रहती है यानि महाराष्ट् खासकर मुंबई में देश की सांस्कृतिक एकता और विरासत के दर्शन होते हैं।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम किया है क्लब ‘कल्लोल’ ने जहां तीन पीढ़ियों के सदस्यों द्वारा ‘अगोमोनी संगीत’ की प्रस्तुति दी जाती है साथ ही भक्ति गीतों पर आधारित आरती और उसके बाद ‘धनुची नाच होता है जिसमें आम लोग भी शामिल होते हैं।
दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान पूरे चार दिनों तक रोज़ाना 10,000 लोगों को भोजन कराया जाता है, यह भी अन्य क्लबों के लिए अनुकरणीय है। क्लब ‘कल्लोल’ मुंबई के बांगुर नगर, गोरेगांव वेस्ट, मुंबई में स्थित है। संभव हो तो एक बार उत्सव में शामिल होने जरूर जाएं।