काठमांडू. काठमांडू में त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार सुबह उड़ान भरने के दौरान एक निजी एयरलाइन का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में एक बच्चे समेत 18 यात्रियों की मौत हो गयी तथा पायलट गंभीर रूप से घायल हो गया. सौर्य एयरलाइंस का नेपाल का घरेलू विमान ‘एन9एएमई’ नियमित रखरखाव कार्य के लिए पोखरा जा रहा था. पूर्वाह्न 11 बजकर 11 मिनट पर यह हादसे का शिकार हो गया.
नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एक बयान में बताया कि बमबॉर्डियर सीआरजे-200 विमान रनवे पर फिसल गया और उसमें तुरंत आग लग गयी. इसने कहा कि बचाव अभियान तत्काल शुरू किया गया और आग पर काबू पा लिया गया. बयान में कहा गया कि हादसे में एक व्यक्ति (कैप्टन रत्न शाक्या) को बचा लिया गया जबकि 18 लोग मृत मिले.
‘माय रिपब्लिका’ अखबार की खबर के मुताबिक, इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गयी जिनमें एयरलाइन के तकनीशियन मनु राज शर्मा, उनकी पत्नी प्रिजा खातीवाड़ा और उनका चार वर्षीय बेटा आदि राज शर्मा शामिल हैं. एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि प्रिज.ा और उनके बेटे की पहचान शुरुआत में कंपनी के कर्मचारी के रूप में की गई थी, लेकिन बाद में पता चला कि वे यात्री थे.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में विमान में आग लगते और धुआं उठते देखा जा सकता है. हादसे के बाद दमकल की गाड़ियों और एम्बुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया. मृतकों की पहचान सह-पायलट एस. कतुवाल और सौर्य एयरलाइंस के कर्मचारी तथा यमनी नागरिक आरिफ रेदा के तौर पर हुई है. वहीं, पायलट कैप्टन मनीष शाक्य (37) का काठमांडू मॉडल हॉस्पिटल में उपचार हो रहा है.
प्राधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार लोगों में से 15 की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि तीन की एक स्थानीय अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेख ने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी लेने और आवश्यक निर्देश देने के लिए घटनास्थल का अलग-अलग दौरा किया.
ओली ने कहा कि वह विमान दुर्घटना में हुई मौतों से बहुत दुखी हैं और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अधिकारियों से विमान दुर्घटना के कारणों के बारे में जानकारी लेने के लिए घटनास्थल पर आए हैं. उन्होंने सभी से दुख की इस घड़ी में धैर्य रखने का आग्रह किया.
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रमुख जगन्नाथ निरौला के अनुसार, काठमांडू से पोखरा जा रहा विमान गलत दिशा में मुड़ गया था.
‘बीबीसी न्यूज नेपाली’ ने निरौला के हवाले से कहा, “जैसे ही विमान ने उड़ान भरी, वह बायीं ओर मुड़ने के बजाय दायीं ओर मुड़ गया.” हालांकि, उन्होंने कहा, “दुर्घटना का कारण अब तक पता नहीं चला है.” निरौला ने कहा कि विमान के उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम वक्त में यह हादसा हो गया. नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के खोज व बचाव ने पहले बताया था कि विमान रनवे पर फिसल गया और उसमें तुरंत आग लग गयी.
‘प्लेनस्पॉटर्स डॉट कॉम’ पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विमान का निर्माण कनाडा की कंपनी बमबॉर्डियर ने अप्रैल 2003 में किया था और यह विमान नेपाल में उपयोग के लिए खरीदा गया तथा अपनी तरह का छठा विमान था. हवाई अड्डा प्राधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद काठमांडू हवाई अड्डे पर सेवाएं थोड़ी देर के लिए रोक दी गयीं लेकिन बाद में उन्हें बहाल कर दिया गया.
सौर्य एयरलाइंस की वेबसाइट के अनुसार, कंपनी नेपाल में पांच पर्यटक स्थलों के लिए विमानों का संचालन करती है. उसके बेड़े में तीन बमबॉर्डियर सीआरजे-200 विमान शामिल हैं. हाल के वर्षों में खराब हवाई सुरक्षा रिकॉर्ड के लिए नेपाल की आलोचना की गई है, लेकिन इन दुर्घटना की वजह में मानवीय भूल के अलावा आंशिक रूप से अचानक मौसम परिवर्तन और दुर्गम चट्टानी इलाकों में स्थित हवाई पट्टियां भी शामिल हैं.
नेपाल के नागरिक उड्डयन निकाय के अनुसार, अगस्त 1955 में पहली दुर्घटना के बाद से देश में हवाई दुर्घटनाओं में 914 लोग मारे गए हैं. पिछले साल जनवरी में, यति एयरलाइंस का एक विमान पोखरा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पांच भारतीयों सहित सभी 72 लोग मारे गए थे. दुर्घटना का कारण मानवीय भूल बताया गया.