ईरान के सरकारी टीवी और न्यूज़ एजेंसियों ने परमाणु हमले की सूरत में नागरिकों के लिए एहतियाती हिदायतें जारी की हैं! मकसद परमाणु हमले जैसी ख़तरनाक सूरत में नागरिकों की जान बचाना और उन्हें पहले से एहतियाती तौर पर तैयार रखना।
जारी किए गए वीडियो में हिदायतें दी गई हैं। जैसे तेज़ रोशनी की तरफ़ न देखें। धमाके के वक़्त निकलने वाली बेहद तेज़ चमक से आँखों को नुक़सान पहुँच सकता है। ईरान ने फरवरी से लेकर अब तक 4000 ड्रोन और 2 हज़ार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर मोज़्तबा खामेनेई ने हफ्तों पहले ये मिसाइलें और ड्रोन बना लिए थे।
इधर ईरान के क़ेश्म द्वीप पर कई जोरदार धमाकों की खबर है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित ईरान के क़ेश्म द्वीप पर कम से कम 5 विस्फोटों की आवाज सुने जाने की खबर है। IRNA के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते हुए देखने की भी सूचना दी है। फिलहाल धमाकों के कारण और विमानों की पहचान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच इस घटना पर पूरी दुनिया की नजर है।
दूसरी ओर ईरानी मीडिया ने अपने नागरिकों को चेतावनी जारी रखते हुए हिदायत दी है कि परमाणु हमले के समय कैसे बचा जाए और क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए। अगर आप खुले आसमान के नीचे हैं और फ़ौरन किसी इमारत में दाख़िल नहीं हो सकते, तो किसी मज़बूत आड़ के पीछे पनाह लें, ज़मीन पर लेट जाएँ और अपने सिर व चेहरे को ढक लें। धमाके की लहर गुज़रने के बाद नज़दीकी इमारत में दाख़िल हो जाएँ। धमाका देखने या उसकी वीडियो बनाने के लिए बाहर न रुकें और गाड़ी के अंदर पनाह न लें।
इमारत के अंदर पहुँचने के बाद बेसमेंट या इमारत के बीच वाले हिस्से में चले जाएँ। खिड़कियों और बाहरी दीवारों से दूर रहें। दरवाज़े और खिड़कियाँ बंद कर दें। एयर कंडीशनर और बाहर से हवा अंदर लाने वाले तमाम वेंटिलेशन सिस्टम बंद कर दें। अगर आप बाहर के माहौल के संपर्क में आए हैं, तो अपने ऊपर के कपड़े बिना झाड़े उतार दें और उन्हें एक बंद प्लास्टिक बैग में रख दें। बैग को लोगों से दूर रखें, लेकिन उसे बाहर फेंकने के लिए ख़ुद बाहर न जाएँ।
गुनगुने पानी और साबुन से नहाएँ। सामान्य शैम्पू इस्तेमाल करें, जिसमें कंडीशनर न हो। अगर नहाना मुमकिन न हो तो चेहरे, हाथों और खुले जिस्म को पानी या गीले वाइप्स से साफ़ करें। पीने के लिए बोतलबंद पानी और खाने के लिए पैक किया हुआ खाना इस्तेमाल करें। कम से कम 24 घंटे तक पनाहगाह में रहने की तैयारी रखें। यह न समझें कि 24 घंटे बाद माहौल पूरी तरह महफ़ूज़ हो गया है। बाहर निकलने के लिए सरकारी एलान और इमरजेंसी हिदायतों का इंतज़ार करें।
अगर इमारत में आग लग जाए या उसके गिरने का ख़तरा हो, तो किसी ज़्यादा महफ़ूज़ पनाहगाह में चले जाएँ। इन तमाम हिदायतों पर अपने घरवालों के साथ पहले से बातचीत करें, ताकि किसी भी इमरजेंसी की सूरत में नुक़सान को कम किया जा सके।