वायनाड/तिरुवनंतपुरम. केरल सरकार ने मंगलवार को कहा कि वायनाड जिले में 30 जुलाई को बड़े पैमाने पर भूस्खलन के बाद लापता हुए लागों की एक सूची जल्द ही जारी की जाएगी. केरल के सामान्य शिक्षा और श्रम मंत्री वी सिवानकुट्टी ने कहा कि भूस्खलन प्रभावित वायनाड में विद्यालयों में कक्षाएं जल्द फिर से शुरू होंगी और आपदा से प्रभावित श्रमिकों को वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी. इन विद्यालयों का अभी राहत शिविरों के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है.
राजस्व मंत्री के राजन ने यहां पत्रकारों से कहा कि सरकार लापता लोगों की एक सटीक सूची तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी पीड़ितों का व्यापक पुनर्वास करना है. राजन ने भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला और मुंडक्कई का दौरा करने के बाद कहा, ”वायनाड में पुनर्वास पहल पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श बनेगी.” उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के कारण विनाश और नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे.
सिवानकुट्टी ने कहा कि कई विद्यालयों में राहत शिविर बनाए गए हैं और शिक्षकों तथा अन्य पक्षकारों के साथ एक बैठक करने के बाद फैसला किया गया है कि 10-20 दिन में कक्षाएं फिर से शुरू की जाएंगी. कक्षाएं शुरू करने से पहले विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया जाएगा. मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि भूस्खलन प्रभावित इलाकों में बच्चों की शिक्षा किसी भी तरीके से प्रभावित न हो.
सामान्य शिक्षा विभाग ने बताया कि भूस्खलन में 36 बच्चों की मौत हो गयी है और 17 लापता हो गए हैं जबकि 316 बच्चों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है और पांच बच्चों का उपचार हो रहा है. उसने यह भी बताया कि इस आपदा में 276 छात्र पाठ्यपुस्तक खो चुके हैं और 436 छात्र पाठ्य सामग्री गंवा चुके हैं. विजयन ने वायनाड में भूस्खलन से तबाह गांवों में बचाव अभियान में केरल के समाज द्वारा दिखाई गई एकता की मंगलवार को प्रशंसा की. उन्होंने वायनाड भूस्खलन आपदा को राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक बताया.
तिरुवनंतपुरम के पुलिस मैदान में पुलिस बल में हाल में भर्ती हुए जवानों को संबोधित करते हुए विजयन ने कहा, ”हमारे राज्य की गौरवशाली संस्कृति को दर्शाते हुए, सभी मतभेदों से परे एक बचाव अभियान वहां चलाया जा रहा है.” मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान में पुलिस बल की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा, ”पुलिस बल इस अभियान में एक अहम भूमिका निभा रहा है.” उन्होंने कहा कि इस त्रासदी ने दुनियाभर में काफी पीड़ा पहुंचाई है.
सिवानकुट्टी ने कहा कि श्रम बोर्ड ने भूस्खलन में घायल हुए और मारे गए श्रमिकों के परिजनों को वित्तीय सहायता मुहैया कराने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि भूस्खलन में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिवारों को पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे. पिछले सप्ताह बड़े पैमाने पर हुई भूस्खलन की घटनाओं के कारण राज्य में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या सोमवार को बढ़कर 226 हो गई थी. भूस्खलन प्रभावित इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान जारी है.
भूस्खलन को लेकर झूठे आरोप लगा रहे हैं : केरल के मुख्यमंत्री विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की आलोचना करते हुए उनके उस आरोप को ”झूठा” करार दिया, जिसमें यादव ने वायनाड में भूस्खलन के लिए राज्य की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया था. विजयन ने केंद्रीय मंत्री पर एक दिन पहले दिए गए बयानों के जरिए भूस्खलन में मारे गए लोगों को अपमानित करने का भी आरोप लगाया.
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा था कि केरल सरकार ने राज्य के पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील क्षेत्र में अवैध मानव बस्तियों के विस्तार और खनन गतिविधियों की अनुमति दी, जिसके चलते वायनाड जिले में विनाशकारी भूस्खलन हुए.
यादव के बयान की आलोचना करते हुए विजयन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केरल के पहाड़ी क्षेत्र के बारे में थोड़ी सी भी जानकारी और समझ रखने वाला कोई भी व्यक्ति वहां रह रहे लोगों को अवैध प्रवासी नहीं कहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि यादव के बयान उन खबरों को सही साबित करते हैं, जिनमें दावा किया गया है कि पत्र सूचना कार्यालय और केंद्र सरकार केरल सरकार के खिलाफ वैज्ञानिकों समेत लोगों को लामबंद करने की कोशिश कर रही है.