लोकतंत्र बहाल होने पर शेख हसीना स्वदेश लौटेंगी, ISI फैला रही अशांति: हसीना के बेटे ने कहा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 08 Aug 2024 09:06 PM
लोकतंत्र बहाल होने पर शेख हसीना स्वदेश लौटेंगी, ISI फैला रही अशांति: हसीना के बेटे ने कहा
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कोलकाता/नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर बांग्लादेश से भारत पहुंचीं शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बृहस्पतिवार को कहा कि बांग्लादेश में लोकतंत्र बहाल होते ही उनकी मां अपने देश लौटेंगी. उन्होंने कहा कि उनके देश में अशांति फैलाने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है.

‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक विशेष साक्षात्कार में जॉय ने कहा कि हालांकि 76 वर्षीय हसीना निश्चित रूप से बांग्लादेश लौटेंगी, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि वह सेवानिवृत्त नेता के रूप में लौटेंगी या सक्रिय नेता के रूप में. उन्होंने यह भी कहा कि शेख मुजीब (शेख मुजीबुर रहमान) परिवार के सदस्य न तो अपने लोगों को छोड़ेंगे और न ही संकटग्रस्त अवामी लीग को बेसहारा छोड़ेंगे. जॉय ने अपनी मां की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भारत से अंतरराष्ट्रीय राय बनाने में मदद करने और बांग्लादेश में लोकतंत्र की बहाली के लिए दबाव बनाने की अपील की.

उन्होंने कहा, ”हां, यह सच है कि मैंने कहा था कि वह बांग्लादेश नहीं लौटेंगी. लेकिन देश भर में हमारे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर लगातार हमलों के बाद पिछले दो दिन में बहुत कुछ बदल गया है. अपने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए अब हमें जो भी करना होगा वह करने जा रहे हैं. हम उन्हें अकेला नहीं छोड़ेंगे.” जॉय ने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा, ”बांग्लादेश में अवामी लीग सबसे बड़ी और सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी है, इसलिए हम अपने लोगों से दूर नहीं जा सकते. लोकतंत्र बहाल होने के बाद वह (हसीना) निश्चित तौर पर बांग्लादेश लौटेंगी.” अवामी लीग को ‘भारत की सदाबहार सहयोगी’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाकर बांग्लादेश में अवामी लीग के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.

बांग्लादेश में बनने वाली अंतरिम सरकार से जॉय ने कानून एवं व्यवस्था बहाल करने का भी आग्रह किया और कहा कि ”देश अराजकता के गर्त में जा रहा है तथा क्षेत्र में दूसरा अफगानिस्तान बन रहा है.” उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी उम्मीद है कि जब भी लोकतंत्र बहाल होगा और नया चुनाव होगा तो अंतरिम सरकार समान अवसर तैयार करेगी.

जॉय ने कहा, ”आप अवामी लीग को बाहर नहीं कर सकते हैं और बांग्लादेश में कभी भी प्रतिनिधि लोकतंत्र नहीं रख सकते हैं. उनके (मोहम्मद यूनुस) व्यक्तिगत विचार जो भी हों, उन्होंने कहा है कि वह एकता सरकार चाहते हैं तथा आगे बढ.ना चाहते हैं और अतीत की गलतियों की पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाहते हैं. मुझे आशा है कि वह अपनी बात पर कायम रहेंगे.” नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस आज (बृहस्पतिवार) को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ लेने वाले हैं.

नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर चली गईं. उन्होंने सोमवार को बांग्लादेश के सैन्य विमान से दिल्ली के पास स्थित हिंडन वायुसेना स्टेशन के लिए उड़ान भरी.

जॉय ने कहा कि लोकतंत्र बहाल हो जाने पर अवामी लीग या बीएनपी सत्ता में आएगी, और ”मुजीब परिवार तथा शेख हसीना साथ में रहेंगे.” उन्होंने कहा, ”वह पिछले दो दिन से हमारी पार्टी के सभी नेताओं के संपर्क में हैं. मेरी मां जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाली थीं, इसलिए हमने सोचा कि अब वह चली गई हैं, तो वे (दंगाई) हमारी पार्टी के लोगों से कुछ नहीं कहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसके बजाय, उन्होंने हमले शुरू कर दिए.” जॉय ने इस सवाल पर सीधे टिप्पणी नहीं की कि क्या वह और विश्व स्वास्थ्य संगठन के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई मामलों की क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्यरत उनकी बहन साइमा वाजेद राजनीति में प्रवेश करेंगे. उन्होंने कहा कि वह बांग्लादेश को पूर्ण अराजकता से बचाने के लिए जो कुछ भी करना होगा उसे करेंगे.

हसीना के पूर्व सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सलाहकार जॉय ने कहा, ”मैं इस प्रश्न का कोई पक्का उत्तर नहीं दे सकता. लेकिन मैं बांग्लादेश को बचाने और अवामी लीग की रक्षा के लिए जो भी करना होगा वह करूंगा. मुजीब परिवार उन्हें बेसहारा नहीं छोड़ेगा.” बांग्लादेश में अशांति फैलाने के लिए पाकिस्तान को दोषी ठहराते हुए जॉय ने कहा कि ऐसे परिस्थितिजन्य साक्ष्य हैं जो विदेशी हस्तक्षेप और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ‘इंटर-र्सिवसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) की कथित संलिप्तता का संकेत देते हैं.

उन्होंने कहा, ”परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए मुझे पूरा यकीन है; मुझे पाकिस्तान की आईएसआई की संलिप्तता का संदेह है. हमले और विरोध प्रदर्शन बहुत समन्वित और योजनाबद्ध थे तथा सोशल मीडिया के माध्यम से स्थिति को भड़काने के लिए जानबूझकर प्रयास किए गए. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्या किया, लेकिन वे (प्रदर्शन से जुड़े लोग) इसे और खराब करने की कोशिश करते रहे.” जॉय ने यह भी उल्लेख किया कि दंगाइयों ने पुलिस पर बंदूकों से हमला किया जो केवल आतंकवादी संगठनों और विदेशी शक्तियों द्वारा प्रदान की गई होंगी. सीआईए जैसी अमेरिकी खुफिया एजेंसी की संलिप्तता से जुड़े सवाल पर जॉय ने कहा कि उनके पास कोई सबूत नहीं है, लेकिन ”हो सकता है कि उनका हाथ हो”. उन्होंने इस बात से इनकार किया कि स्थिति को भड़काने में चीन की कोई संलिप्तता हो सकती है. हसीना द्वारा ब्रिटेन या किसी अन्य देश में शरण मांगे जाने की खबरों को ”अफवाह” बताकर खारिज करते हुए जॉय ने कहा कि उनका अमेरिकी वीजा रद्द किए जाने की खबरें भी झूठी हैं.

इस मुश्किल वक्त में मां को देख नहीं सकती, गले नहीं लगा सकती ‘मेरा दिल टूट गया है’: शेख हसीना की बेटी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की बेटी साइमा वाजिद ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अपने देश में लोगों की जान जाने से,साथ ही ऐसे कठिन समय में अपनी मां को ”देख नहीं पाने से, उन्हें गले नहीं लगा पाने से बेहद दुखी हैं.” बांग्लादेश में छात्रों के सरकार विरोधी-प्रदर्शनों के कारण हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ने के बाद भारत में शरण ली.

उनकी बेटी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”जिस बांग्लादेश से मैं प्यार करती हूं वहां लोगों की जान जाने से मेरा दिल टूट गया है. इस कठिन समय में अपनी मां को देख नहीं सकती, उन्हें गले नहीं लगा सकती. इस बात से मैं बेहद दुखी हूं. मैं आरडी के तौर पर अपनी भूमिका निभाती रहूंगी.” वाजिद दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय निदेशक हैं.

बांग्लादेश विवादास्पद आरक्षण प्रणाली के खिलाफ कई हफ्तों से जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच, पिछले 15 साल से सत्ता में रहीं शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से अचानक इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के कारण अभूतपूर्व राजनीतिक संकट से जूझ रहा है.
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंगलवार को संसद भंग की दी और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया.

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