अनंतनाग मुठभेड़ : एक नागरिक की मौत के बाद तेज हुआ आतंकवाद निरोधक अभियान

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 11 Aug 2024 08:14 PM
अनंतनाग मुठभेड़ : एक नागरिक की मौत के बाद तेज हुआ आतंकवाद निरोधक अभियान
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के वन क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों के सफाये के लिये सुरक्षा बलों ने रविवार को हुये मुठभेड़ के दूसरे दिन अभियान और तेज कर दिया. इस मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गये थे जबकि एक नागरिक की जान चली गयी थी. अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों के खात्मे के लिए अहलान गगरमांडू वन क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षार्किमयों को भेजा गया है और ऐसा माना जा रहा है कि तीन से चार आतंकवादी यहां छिपे हुए हैं.

कश्मीर जोन के पुलिस महानिरीक्षक वी के बिरदी ने कोकरनाग में मुठभेड़ स्थल के पास संवाददाताओं से कहा, “गागरमांडू के ऊपरी इलाकों में अभियान जारी है. गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है… अभियान समाप्त होने के बाद अधिक जानकारी साझा की जाएगी.” उन्होंने बताया कि शनिवार को शुरुआती मुठभेड़ में तीन जवान और दो नागरिक घायल हुए थे.

बिरदी ने कहा, “दो सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए, जबकि तीसरे का इलाज किया जा रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. घायल हुए दो नागरिकों में से एक की मौत हो गई.” बिरदी ने घायल दोनों नागरिकों के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ स्थल के करीब दोनों व्यक्तियों की मौजूदगी जांच का विषय है और इसकी जांच की जा रही है. यह पूछे जाने पर कि क्या मुठभेड़ में शामिल आतंकवादियों का यह समूह डोडा से आया था, जिसपर पुलिस अधिकारी ने बताया हालांकि मुठभेड़ स्थल जिले की सीमा के करीब है लेकिन स्पष्ट तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.

इससे पहले दिन में अधिकारियों ने बताया था कि आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ में घायल दो नागरिकों में से एक की रविवार तड़के इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद मुठभेड़ में मारे गए नागरिकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई. उन्होंने बताया कि शनिवार को 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित अनंतनाग जिले के अहलान गगरमांडू वन क्षेत्र में आतंकवादियों को मार गिराने के लिए अभियान शुरू किया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, चुनौतीपूर्ण भौगोलिक स्थिति के बावजूद आतंकवादियों की तलाश के लिए अभियान जारी रहा.

शनिवार को कोकेरनाग क्षेत्र के सुदूरवर्ती अहलान गगरमांडू जंगल में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया गया था. अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ तब शुरू हुई, जब आतंकवादियों के एक समूह ने संयुक्त तलाश दल पर गोलीबारी शुरू कर दी. दल में पैरा कमांडो सहित सेना के जवान और स्थानीय पुलिसकर्मी शामिल थे.

अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में छह सैन्यकर्मी और दो नागरिक घायल हो गए. घायल सैनिकों को तुरंत निकटवर्ती अस्पताल ले जाया गया, जहां दो सैनिकों को मृत घोषित कर दिया गया. शहीद हुए सैन्य र्किमयों की पहचान हवलदार दीपक कुमार यादव और लांस नायक प्रवीण शर्मा के रूप में की गई है.

इस मुठभेड़ ने पिछले साल सितंबर में कोकेरनाग में ऐसी ही गोलीबारी के बाद हुई मुठभेड़ की दुखद यादें ताजा कर दीं, जब कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष और पुलिस उपाधीक्षक हुमायूं भट सहित चार सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे. इस दौरान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक कमांडर सहित दो आतंकवादियों को भी मार गिराया गया था. सुरक्षाबलों ने 15 जुलाई को डोडा जिले में एक मुठभेड़ के बाद कोकेरनाग के जंगलों में तलाश अभियान तेज कर दिया है. इस मुठभेड़ में एक कैप्टन समेत चार जवान शहीद हो गए थे. ऐसा माना जा रहा है कि हाल ही में अनंतनाग की घटना में शामिल आतंकवादी डोडा में मुठभेड़ से बचकर किश्तवाड़ जिले से सीमा पार कर आए होंगे.

वर्तमान अभियान का ब्योरा देते हुए श्रीनगर में रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि पांच अगस्त को मानवीय और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पुष्टि हुई कि जुलाई में डोडा क्षेत्र में अत्याचारों के लिए जिम्मेदार आतंकवादी किश्तवाड़ रेंज को पार कर दक्षिण कश्मीर के कापरान-गरोल क्षेत्र में घुस आए हैं.

उन्होंने कहा, ”राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लगातार इन आतंकवादियों पर नजर रखी और नौ व 10 अगस्त की दरमियानी रात को कापरान के पूर्व में पहाड़ों पर सटीक अभियान चलाया गया, जहां कथित तौर पर ये आतंकवादी छिपे हुए थे.” प्रवक्ता ने कहा, ”10 अगस्त को अपराह्न करीब दो बजे संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं. सुरक्षा बलों द्वारा चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने तुरंत अंधाधुंध, हताशापूर्ण और लापरवाही से गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें दो सैन्यकर्मी और आसपास मौजूद दो नागरिक घायल हो गए.” उन्होंने कहा कि घायल नागरिकों की आतंकवादी पृष्ठभूमि का पता लगाया जा रहा है.

प्रवक्ता ने कहा, ”यह इलाका 10,000 फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर है, यहां घने जंगल, बड़े-बड़े पत्थर, नाले और जटिल रास्ते हैं, जो अभियान के लिए गंभीर चुनौती पेश करते हैं. सुरक्षा बल सोच-समझकर आगे बढ़ रहे हैं और आतंकवादियों को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं.” प्रवक्ता के अनुसार, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश में जुटे हुए हैं.

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