रूस के कुर्स्क क्षेत्र में दाखिल होने का मकसद ‘बफर जोन’ बनाना : जेलेंस्की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 19 Aug 2024 08:31 PM
रूस के कुर्स्क क्षेत्र में दाखिल होने का मकसद ‘बफर जोन’ बनाना : जेलेंस्की
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कीव. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को कहा कि रूस के कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सैनिकों के दाखिल होने का मकसद वहां एक ‘बफर जोन’ बनाना है, ताकि मॉस्को को सीमा पार और हमले करने से रोका जा सके. जेलेंस्की ने कुर्स्क क्षेत्र में छह अगस्त को शुरू किए गए इस साहसिक अभियान की मंशा पहली बार स्पष्ट रूप से जाहिर की है. पहले उन्होंने कहा था कि अभियान का मकसद सीमावर्ती सुमी क्षेत्र में लोगों को रूस की ओर से लगातार जारी गोलाबारी से बचाना है.

जेलेंस्की ने कहा, “कुल मिलाकर अब रक्षात्मक अभियानों में हमारी प्राथमिकता जितना संभव हो, रूस की युद्ध क्षमता को नष्ट करना और अधिकतम जवाबी कार्रवाई करना है. इसमें कुर्स्क क्षेत्र में हमारा अभियान शामिल है, जिसका उद्देश्य आक्रमणकारी के क्षेत्र में एक ‘बफर जोन’ बनाना है.” अधिकारियों के मुताबिक, यूक्रेन ने छह अगस्त को शुरू किए गए अभियान के तहत सीमा पार आक्रमण तेज करते हुए पिछले सप्ताहांत कुर्स्क क्षेत्र में एक प्रमुख पुल को ध्वस्त कर दिया था और उसके निकटवर्ती पुल पर हमला किया था, जिससे रूस को होने वाली आपूर्ति बाधित हुई थी.

यूक्रेन के अधिकारियों ने लोगों से पोक्रोवस्क शहर छोड़ने को कहा

यूक्रेन के अधिकारियों ने सोमवार को पूर्वी शहर पोक्रोवस्क के लोगों के लिए निकासी का आदेश जारी किया. रूस की सेना के अव्दिव्का पर कब्जे के बाद दोनेत्सक क्षेत्र में आगे बढ़ने के बीच यह आदेश जारी किया गया है. अधिकारियों ने कहा है कि रूसी सेना इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि संभावित हमलों के मद्देनजर पोक्रोवस्क और आस-पास के दूसरे शहरों से लोगों की निकासी जरूरी हो गई है. पोक्रोवस्क में वर्तमान में करीब 53,000 लोग रहते हैं.

अधिकारियों ने अमेरिका द्वारा वित्तपोषित ‘रेडियो लिबर्टी’ को दिए गए साक्षात्कार में कहा कि पोक्रोवस्क के निवासियों के पास शहर को सुरक्षित तरीके से छोड़ने के लिए सिर्फ दो हफ्ते का समय है. अधिकारियों ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी कि रूसी सेना तेजी से कूच कर रही है और वह शहर के बाहरी इलाके से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर है. यूक्रेन के ‘कमांडर-इन-चीफ’ ओलेक्सांद्र सिरस्की ने कहा कि पोक्रोवस्क क्षेत्र में भारी लड़ाई हो रही है. उन्होंने कहा कि पास के शहर टोरेत्स्क में भी स्थिति नाजुक है.

‘इंस्टिट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वार’ ने कहा है कि रूसी सेना पिछले छह महीनों से पोक्रोवस्क क्षेत्र में लगभग दो वर्ग किलोमीटर प्रतिदिन आगे बढ़ रही है. पोक्रोवस्क यूक्रेन के मुख्य रक्षात्मक गढ़ों में से एक है और दोनेत्सक क्षेत्र में एक प्रमुख रसद केंद्र है. इस पर कब्जा करने से यूक्रेन की रक्षात्मक क्षमताएं और आपूर्ति मार्ग प्रभावित होंगे तथा रूस पूरे दोनेत्सक क्षेत्र पर कब्जा करने के अपने घोषित लक्ष्य के और करीब पहुंच जाएगा. पोक्रोवस्क के अधिकारी लोगों से मिलकर उन्हें निकासी के बारे में जानकारी दे रहे हैं. लोगों को पश्चिमी यूक्रेन में शरण देने की पेशकश की गई है, जहां उन्हें छात्रावासों और उनके लिए तैयार किए गए अलग-अलग आवासों में रखा जाएगा.

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