क्या बीसीसीआई के साथ बायजू के विशेष व्यवहार के पीछे कोई रहस्य है : कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 26 Sep 2024 07:40 PM
क्या बीसीसीआई के साथ बायजू के विशेष व्यवहार के पीछे कोई रहस्य है : कांग्रेस

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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने शैक्षणिक प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू के खिलाफ दिवाला कार्यवाही रोकने के एनसीएलएटी के आदेश के विरुद्ध अमेरिकी कंपनी की याचिका पर उच्चतम न्यायालय द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने के बाद बृहस्पतिवार को सवाल किया कि क्या भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के साथ बायजू के विशेष व्यवहार के पीछे कोई रहस्य है? उच्चतम न्यायालय ने बायजू के खिलाफ दिवाला कार्यवाही रोकने के राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) के आदेश के विरुद्ध अमेरिकी कंपनी की याचिका पर फैसला बृहस्पतिवार को सुरक्षित रख लिया.

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिवाला समाधान पेशेवर (आईआरपी) को मामले में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने तक यथास्थिति बनाए रखने को कहा. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”उच्चतम न्यायालय ने संकटों से घिरी एडटेक कंपनी बायजू से ठीक ही सवाल पूछा है कि 15,000 करोड़ रुपये के कज.र् में होने के बावजूद उसने सिफ.र् बीसीसीआई के साथ ही 158 करोड़ का अपना बकाया चुकाने का विकल्प क्यों चुना? उसने बीसीसीआई को प्राथमिकता क्यों दी?” उनके मुताबिक, उच्चतम न्यायालय ने बायजू के समझौते को मंजूरी देते समय ‘सोच विचार न करने’ के लिए राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण को भी फटकारा है.

रमेश ने सवाल किया कि क्या बीसीसीआई के साथ बायजू के इस विशेष व्यवहार के पीछे कोई रहस्य छिपा है? उच्चतम न्यायालय की पीठ ने पाया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) ने शैक्षणिक प्रौद्योगिकी कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही बंद करते समय अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया. न्यायालय ने इस बात का संकेत दिया कि वह विवाद को नए सिरे से निर्णय के लिए वापस भेज सकता है.

By Yogesh Kumar Sahu