बेरूत. हिज्बुल्ला के उपनेता ने समूह के अधिकतर शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बावजूद सोमवार को इजराइल के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि आतंकवादी समूह लंबे युद्ध के लिए तैयार है. हिज्बुल्ला के नेता हसन नसरल्ला भी इजराइली हमलों में मारे जाने वाले शीर्ष नेताओं में शामिल था.
पिछले 10 दिनों में इजराइली हमलों में नसरल्ला और हिजबुल्ला के छह शीर्ष कमांडर और अधिकारी मारे गए हैं. वहीं सेना का कहना है कि लेबनान के बड़े हिस्से में हजारों आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो सप्ताह में लेबनान में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें से लगभग एक चौथाई महिलाएं और बच्चे हैं. सोमवार तड़के मध्य बेरूत में एक हवाई हमला हुआ, जिसमें एक आवासीय इमारत नष्ट हो गई और आस-पास के अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गए. हमले में तीन फलस्तीनी आतंकवादी मारे गए.
इजराइल के इस हमले से ऐसा प्रतीत होता है कि लेबनान का कोई भी हिस्सा इजराइली निशाने से बाहर नहीं है. हालिया सप्ताहों में हिजबुल्ला को एक के बाद एक बड़े झटके लगने के बावजूद उपनेता नईम कासेम ने नसरल्ला की मौत के बाद सोमवार को टेलीविजन पर अपने पहले बयान में कहा कि अगर इजराइल जमीनी हमला करने का फैसला करता है तो हिज्बुल्ला के लड़ाके पूरी तरह से तैयार हैं.
कासेम ने कहा, ह्लइजराइल हमारी (सैन्य) क्षमताओं को प्रभावित करने में सक्षम नहीं है. हमारे पास उपकमांडर हैं और किसी भी शीर्ष नेता के मारे जाने या घायल होने की स्थिति में कमांडर की जगह ले सकते हैं.ह्व उन्होंने कहा कि हिजबुल्ला को आशंका है कि जंग लंबी चलेगी.
हिजबुल्ला के संस्थापक सदस्यों में शामिल और नसरल्ला के लंबे समय तक सहयोगी रहे कासेम समूह के शीर्ष नेतृत्व के पद पर फैसला होने तक उपनेता का जिम्मा संभालेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि शीर्ष पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति का नाम हाशिम सफीउद्दीन है, जो नसरल्ला का चचेरे भाई है और समूह के राजनीतिक मामलों को देखता है.