चायगांव/गुवाहाटी. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा खुद को ‘राजा’ समझते हैं, लेकिन राज्य की जनता भ्रष्टाचार के लिए उन्हें जेल में पहुंचा देगी. गुवाहाटी से करीब 40 किलोमीटर दूर चायगांव में कांग्रेस की एक बैठक को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि शर्मा और उनके परिवार को भ्रष्टाचार के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.
भाजपा और निर्वाचन आयोग पर महाराष्ट्र चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए गांधी ने दावा किया कि वे इसे बिहार में दोहराने की कोशिश कर रहे हैं. कांग्रेस नेता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से असम में इस तरह के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सतर्क रहने का आग्रह किया.
गांधी ने आरोप लगाया, ”मुख्यमंत्री खुद को ‘राजा’ समझते हैं और 24 घंटे आपकी संपत्ति, जमीन अदाणी और अंबानी को सौंपने में व्यस्त रहते हैं. लेकिन अगर आप उनकी आवाज ध्यान से सुनें, टीवी पर उनके चेहरे को ध्यान से देखें, तो डर साफ दिखाई देता है.” लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा, ”वह (शर्मा) जानते हैं कि निडर कांग्रेस कार्यकर्ता उन्हें जेल में डाल देंगे.” गांधी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार को भ्रष्टाचार के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा तथा मीडिया उन्हें जेल जाते हुए दिखाएगा और नरेन्द्र मोदी या अमित शाह भी मुख्यमंत्री को बचा नहीं पाएंगे.
उन्होंने दावा किया, ”कांग्रेस को ऐसा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. युवा, मजदूर, किसान, सभी समुदायों और धर्मों के लोग ऐसा करेंगे क्योंकि वे जानते हैं कि वह (शर्मा) कितने भ्रष्ट हैं.” चायगांव में कार्यक्रम से पहले, शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गांधी ने गुवाहाटी में दिन में हुई कांग्रेस की एक बैठक में भी यही बात कही थी. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें गांधी की टिप्पणी के बारे में कैसे पता चला.
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”लिखित में ले लीजिए, हिमंत विश्व शर्मा को निश्चित रूप से जेल भेजा जाएगा’ – विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने असम में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान बिल्कुल यही शब्द कहे.” शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता यह भूल गए कि वह स्वयं देश भर में दर्ज कई आपराधिक मामलों में जमानत पर हैं.
वहीं, राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग और भाजपा एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने एक रैली में दावा किया कि भाजपा ने मतदाता सूची संशोधन के जरिए ”धांधली” करके महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव जीता है. कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले साल लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच चार महीने के अंतराल में महाराष्ट्र में भाजपा और उसके सहयोगियों के पक्ष में एक करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए.
उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चार महीने पहले उसी राज्य में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भी विधानसभा चुनाव हार गए. गांधी ने आरोप लगाया, ”भाजपा-निर्वाचन आयोग ने हमसे महाराष्ट्र चुनाव चुरा लिया.” उन्होंने दावा किया कि बिहार में भी यही हथकंडा अपनाया जा रहा है और ”गरीबों, मजदूरों, कांग्रेस और राजद के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के जरिये हटाए जा रहे हैं.” कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”वे असम में भी यही हथकंडा अपनाएंगे. हमारी जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि वे ऐसा न कर पाएं.” मीडिया पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ”मैं मीडिया को अपना मित्र कहता था, लेकिन वे अब हमारे मित्र नहीं रहे; वे सच नहीं दिखा रहे बल्कि केवल अदाणी, अंबानी, मुख्यमंत्री, मोदी और शाह को दिखा रहे हैं.” हालांकि, गांधी ने दावा किया कि इससे कोई मदद नहीं मिलेगी क्योंकि कांग्रेस अगले साल असम में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करेगी.
उन्होंने नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को अपना काम शुरू करने के लिए बधाई दी और कहा कि लोग जल्द ही इसके परिणाम देखना शुरू कर देंगे. गांधी ने आरोप लगाया कि असम की तरह ही, पूरे देश में लोगों से जमीन छीनकर चंद उद्योगपतियों को दी जा रही है.
उन्होंने दावा किया, ”आपकी हजारों एकड़ जमीन अदाणी, अंबानी, रामदेव को दी जा रही है. यह महाराष्ट्र में, देश में हर जगह हो रहा है. छोटे व्यापारी, किसान, मजदूर, जो देश की रीढ़ हैं, उन्हें पांच-छह अरबपतियों की खातिर खत्म किया जा रहा है.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”देश में विचारधाराओं की लड़ाई चल रही है; आरएसएस की नफरत और हिंसा बनाम कांग्रेस का सत्य और अहिंसा.” राहुल गांधी ने दावा किया कि अब दो हिंदुस्तान हैं – एक उन चंद अरबपतियों का जो भव्य शादियां करते हैं, दूसरा उन आम लोगों का जो कर के बोझ तले दबे हुए हैं.