नवरात्रि का पर्व अब अपने अंतिम दौर में है। कल अष्टमी मनने के साथ ही यह खत्म हो जायेगा। नवरात्रि के समय राजधानी में कई जगहों पर रास गरबा का आयोजन किया जा रहा है और गरबा प्रेमी रंग बिरंगी ड्रेसों के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं।



नवरात्रि में अन्य धर्म के लोगों को प्रवेश नही देने को लेकर भी काफी विवाद हुआ और अब ताजा विवाद महिलाओं की ड्रेसों को लेकर हो रहा है। कई गरबा स्थानों पर देखने में आया है कि युवक युवतियां विशेषकर युवतियां जो ड्रेस पहनकर रास गरबा खेलने आ रही हैं, वह अश्लील और आपत्तिजनक है। फिर भी गरबा के आयोजक इस पर रोक नही लगा पा रहे हैं।
धर्म सेना की प्रांत संयोजिका भारवी वैष्णव ने कहा कि ‘नवरात्रि शक्ति और भक्ति की उपासना का पर्व है, शरीर प्रदर्शन का नहीं। जब तक गरबा पंडालों में कड़े ‘ड्रेस कोड’ लागू नहीं होंगे और ऐसे फूहड़पन को गेट से ही धक्के मारकर बाहर नहीं निकाला जाएगा, तब तक हमारे धर्म का ऐसे ही मज़ाक बनता रहेगा। आस्था को तमाशा बनाना बंद करो अन्यथा ऐसे लोगों के खिलाफ धर्म सेना की महिला शक्ति मोर्चा खोलेगी।