पुरी के होटल की फर्जी वेबसाइट बनाकर पर्यटकों को ठगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 21 Jul 2025 09:05 PM
पुरी के होटल की फर्जी वेबसाइट बनाकर पर्यटकों को ठगने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
ऑडियो सुनें

भुवनेश्वर/नयी दिल्ली. ओडिशा पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने पुरी में पर्यटकों को ठगने के लिए एक होटल की फर्जी वेबसाइट बनाने के आरोप में राजस्थान से दो लोगों को गिरफ्तार किया है. सीआईडी द्वारा सोमवार को जारी एक बयान में कहा गया कि गिरफ्तार गिए गए लोगों की पहचान आमिर खान (24) और यूसुफ (27) के रूप में हुई है. इससे पहले, मामले के एक अन्य आरोपी अंशुमन शर्मा को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया था.

पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक की शिकायत के आधार पर दर्ज एक मामले में ये गिरफ्तारियां की गईं. पुलिस के मुताबिक, ठगों ने पर्यटकों को अपने ठगी के जाल में फांसने के लिए एक फर्जी वेबसाइट बनाई और अपना मोबाइल नंबर भी दिया. सीआईडी ने बताया कि उन्होंने होटल में ठहराने का झूठा आश्वासन दिया और पैसे ट्रांसफर करने के लिए ‘म्यूल बैंक खाते’ भी उपलब्ध कराए. हालांकि, होटल प्रशासन को बुकिंग की इसकी जरा भी भनक नहीं थी, अंतत? उन्हें इससे संबंधित कई शिकायतें मिलीं. ‘म्यूल बैंक खाते’ ऐसे खाते होते हैं, जो किसी धोखाधड़ी या अवैध लेन-देन में इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन खाता किसी तीसरे व्यक्ति के नाम पर होता है.

बयान में कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की राजस्थान में अलवर की गोविंदगढ़ अदालत में पेशी के बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ओडिशा लाया गया और बाद में विशेष अदालत में भेज दिया गया. सीआईडी ने नागरिकों से फर्जी होटल बुकिंग वेबसाइटों से सावधान रहने की अपील की और साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचने के लिए अज्ञात स्थानों पर आवास के लिए कोई भी बुकिंग करने से पहले हमेशा सत्यापन करने का आग्रह किया.

सीबीआई ने छह साल बाद बेंगलुरु से घोषित भगोड़े को किया गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में घोषित भगोड़ा महिला को छह साल बाद बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि नसरीन ताज नाम की महिला फर्जी पहचान के आधार पर लगभग छह साल से बेंगलुरु में रह रही थी और किसी को भी उसके बारे में जरा भी भनक तक नहीं लग पा रही थी.

उन्होंने बताया कि सीबीआई ने अपनी तलाश पूरी करते हुए नसरीन को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया. वह अपने पति, परिवार के सदस्यों और समाज से अलग पहचान बदलकर सलमा के नाम से रह रही थी और बार-बार अपना घर बदल रही थी. सीबीआई के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ”उसने अपनी असली पहचान के बारे में निवासियों के साथ-साथ अपने नियोक्ता को भी गुमराह किया. वह स्थानीय लोगों के साथ बहुत ही कम बातचीत करती थी, जिससे उसे ढूंढने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा था.” जांच एजेंसी ने एक साल की लंबी जांच के बाद 12 अक्टूबर 2010 को अपना आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें नसरीन पर उसके पति असदुल्लाह खान के साथ मिलकर सिण्डिकेट बैंक से 12.63 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. इस साजिश में कुल नौ आरोपी शामिल थे.

जांच से पता चला कि नसरीन के पास आय का कोई स्वतंत्र स्त्रोत न होने के बावजूद उसने सिंडिकेट बैंक से 55 लाख रुपये के कृषि ऋण के अलावा धोखाधड़ी से 1.20 करोड़ रुपये तक की ‘टेंपरेरी ओवरड्राफ्ट’ (टीओडी) सुविधा का लाभ उठाया. सीबीआई ने आरोप लगाया कि खेती के लिए दिए गए कर्ज को नसरीन ने कृषि विकास के लिए इस्तेमाल करने के बजाय गलत तरीके से टीओडी की वापसी में लगा दिया, जबकि इसे स्वीकृति की शर्तों के अनुसार केवल कृषि विकास के लिए ही उपयोग करना था. एजेंसी ने आरोप लगाया कि नसरीन जांच में शामिल नहीं हुईं, जिसके कारण अदालत ने 27 नवंबर, 2021 को उसे घोषित भगोड़ा अपराधी करार दिया था और उसकी संपत्ति कुर्क कर ली.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu