
मेरठ: उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दलों की गतिविधियां तेज होने के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगे। नवीन मेरठ से अपना दौरा शुरू करेंगे और मंगलवार को सहारनपुर में रहेंगे। भाजपा अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, जबकि कांग्रेस किसानों के अधिकारों के लिए मार्च की तैयारी कर रही है और समाजवादी पार्टी (सपा) एवं राष्ट्रीय लोक दल (रालोद), सामाजिक समूहों से संपर्क बढ़ा रहे हैं।
भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर नितिन नवीन का मेरठ एवं सहारनपुर में स्वागत किया। उन्होंने लिखा, ”क्रांति धरा एवं बाबा औघड़नाथ की पावन भूमि मेरठ तथा मां शाकुंभरी देवी की पावन धरती सहारनपुर में आगमन पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य नितिन नवीन का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है।” चौधरी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष के इस दौरे से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया उत्साह, नयी ऊर्जा एवं नयी प्रेरणा का संचार होगा और उनके मार्गदर्शन में संगठनात्मक अभियानों को नयी गति मिलने के साथ-साथ संगठन की जड़ें और मजबूत होंगी।
जाट, गुर्जर और अन्य किसान बिरादरियों के प्रभाव वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का संगठनात्मक ढांचा 14 जिलों और 71 विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद है। इस क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों में किसानों के मुद्दों और जातीय समीकरणों का काफी असर रहता है, इसलिए 2027 के विधानसभा चुनाव की शुरूआती तैयारियों में संगठन को मजबूत करना और इन सामाजिक समूहों तक पहुंच बढ़ाना अहम माना जा रहा है।
भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष का दौरा बूथ स्तर तक भाजपा संगठन को सक्रिय करने, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने और इलाके में राजनीतिक हालात की नब्ज टटोलने पर केंद्रित होगा। उन्होंने बताया कि नवीन सोमवार को मेरठ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्र संयोजकों से बातचीत करेंगे और सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि नवीन मंगलवार को सहारनपुर में संगठनात्मक बैठकों में शामिल होंगे और मां शाकंभरी देवी मंदिर जाएंगे।
भाजपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब ंिसह नागर ने कहा कि नवीन इस इलाके के लगभग पांच हजार शक्ति केंद्र संयोजकों से बातचीत करेंगे।
नागर ने कहा, “बातचीत के दौरान बूथ, शक्ति केंद्र, मंडल, जिला और क्षेत्रीय स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की गतिविधियों और आने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों के बारे में जानकारी ली जाएगी।” अन्य विपक्षी दल भी अपने संगठन को मजबूत करने और लोगों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।
कांग्रेस ने आगामी दो अक्टूबर से सात अक्टूबर तक मुजफ्फरनगर से गौतम बुद्ध नगर तक ‘किसान अधिकार यात्रा’ निकालने की घोषणा की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय से जुड़े कांग्रेस नेता चौधरी यशपाल ंिसह ने ‘पीटीआई- भाषा’ को बताया कि यह यात्रा किसानों, खेतिहर मजदूरों, महिला किसानों, ग्रामीण युवाओं, पशुपालकों और खेती से जुड़े अन्य वर्गों की समस्याओं और अधिकारों का मुद्दा उठाएगी।
ंिसह ने कहा, “यह यात्रा छह जिलों से होकर गुजरेगी। इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में लोगों से संपर्क बढ़ाना और संगठन को मजबूत करना है।” कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी के अनुसार यह यात्रा ‘अखिल भारतीय किसान कांग्रेस’ और ‘उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस’ के पश्चिमी जोन द्वारा आयोजित की जा रही है। पार्टी ने कहा कि वह किसानों की मांगों और समस्याओं को क्षेत्र के गांवों तक ले जाने की कोशिश करेगी।
समाजवादी पार्टी (सपा) भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समूहों के बीच पहुंच बनाने के लिए सक्रिय है। सूत्रों के अनुसार, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल में सहारनपुर दौरे के दौरान गुर्जर नेता इंद्रसेन चौधरी और रुद्रसेन से उनके घर पर मुलाकात की थी।
पूर्व में सपा की सहयोगी रही रालोद अब सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल है। उसके अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने भी अगले दिन सहारनपुर का दौरा किया।



