ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र की हुई हंगामेदार शुरूआत

Author: Nandkishoryadav
UPDATED: Tue, 22 Sep 2026 01:42 PM
ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र की हुई हंगामेदार शुरूआत

ऑडियो सुनें

भुवनेश्वर: खनन कानून में संशोधन और स्कूली बच्चों की नई किताबों में गलतियों को लेकर विपक्षी सदस्यों के शोरशराबे के बीच मंगलवार को ओडिशा विधानसभा के मानसून सत्र की हंगामेदार शुरूआत हुई। विधानसभा के छह पूर्व सदस्यों और नेपाल में आकस्मिक बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ सत्र आरंभ हुआ।

इसके तुरंत बाद बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस के विधायक आसन के समीप आ गए और हाल में संसद में पारित हुए ‘खान एवं खनिज (विकाव एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026’ एवं स्कूली बच्चों की किताबों में गलतियों को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे।

बीजद विधायकों ने स्कूली किताबों में गलतियों का विरोध किया। कांग्रेस सदस्यों ने एमएमडीआर संशोधन अधिनियम को रद्द करने की मांग की। सदन में शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाधी ने विधायकों से अपनी सीट पर लौट जाने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने कार्यवाही दोपहर 1:10 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद बीजद विधायक महात्मा गांधी मार्ग पहुंचे, जहां पार्टी की युवा और छात्रा इकाई के सदस्य ‘विधानसभा घेराव’ आंदोलन कर रहे हैं। विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा, ”हम स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग वाले आंदोलन में शामिल होंगे। स्कूली बच्चों को गलतियों वाली किताबें बांटने के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराया ही जाना चाहिए।” भाजपा विधायक इरासिस आचार्य ने कार्यवाही में बाधा डालने के लिए विपक्ष की आलोचना की।

आचार्य ने कहा, ”सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में गलती के मामले में कार्रवाई की है। सुधारी हुई किताबें बांटी जा रही हैं। वे बिना किसी ठोस वजह के हंगामा कर रहे हैं।” विधानसभा का नौ दिवसीय मॉनसून सत्र तीन अक्टूबर तक चलेगा और इसमें छह अहम विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है।

By Nandkishoryadav