नवभारत ब्यूरो
गुवाहाटी. असम की स्टार मुक्केबाज और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बरगोहाईं ने अपने जन्मदिन के दिन एशियाई खेल 2026 में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर अपने परिवार और पूरे असम को गौरवान्वित किया। उनकी इस उपलब्धि पर पिता टिकेन बरगोहाईं ने भावुक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार को अपनी बेटी की उपलब्धि पर बेहद गर्व है।
लवलीना की यह जीत उनके शानदार करियर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। उन्होंने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदलते हुए इस बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। बेटी की ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जताते हुए टिकेन बरगोहाईं ने कहा कि लवलीना लगातार कहती रही थीं कि वह अपने पदक का रंग बदलकर उसे स्वर्ण में बदलेंगी और आखिरकार उन्होंने अपना संकल्प पूरा कर दिखाया।
उन्होंने कहा, ‘माता-पिता के रूप में हम बहुत खुश और गौरवान्वित हैं। वह बार-बार कहती थी कि इस बार पदक का रंग सोने में बदलेगी और आज उसने ऐसा कर दिखाया।’ लवलीना के पिता ने इस सफलता के लिए असम के लोगों के आशीर्वाद और प्रार्थनाओं के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग उनकी बेटी की सफलता के लिए नामघरों और मंदिरों में प्रार्थना कर रहे थे और उनकी प्रार्थनाएं आज पूरी हुई हैं।
लवलीना की स्वर्णिम सफलता ने उनके जन्मदिन को भी विशेष बना दिया। ओलंपिक पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी असम की इस मुक्केबाज ने एशियाई खेलों में रजत से स्वर्ण तक का सफर पूरा कर एक बार फिर भारतीय मुक्केबाजी में अपनी जगह मजबूत की है। परिवार की खुशी के साथ ही असम में भी उनकी उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है। जन्मदिन पर मिला एशियाई स्वर्ण पदक लवलीना के खेल जीवन के यादगार अध्यायों में शामिल हो गया है।