भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर निर्वाचन आयोग तक विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के सांसदों के मार्च की आलोचना करते हुए दावा किया कि यह कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा अराजकता पैदा करने तथा राहुल गांधी को फिर से ‘लॉन्च’ करने का एक और प्रयास था।
केंद्रीय मंत्री शिवराज ंिसह चौहान ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मार्च के जरिये वे (घटक दल) संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने और अपनी चुनावी हार की “भड़ास निकाल रहे हैं”। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, “विपक्ष के मित्रो, जिस व्यवस्था पर आप सवाल उठा रहे हैं, उसी व्यवस्था के तहत आप केरल में जीते थे। क्या वह जीत अवैध थी? आप कर्नाटक में जीते। क्या वह जीत अवैध थी? आप हिमाचल में जीते।
क्या वह जीत अवैध थी? पंजाब और झारखंड में विपक्षी सरकारें बनीं; क्या वे जीत अवैध थीं?” चौहान ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हार स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगियों से कहा कि वे ”लोकतंत्र का अपमान करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करना बंद करें।” उन्होंने कहा, ”यदि आप संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, तो आप देश को अराजकता की आग में झोंकने का पाप करेंगे।
राष्ट्र को अशांति और अराजकता में झोंकने का पाप न करें। देश और उसके लोग आपको कभी माफ नहीं करेंगे।” विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए, चौहान ने रेखांकित किया कि एक स्वच्छ मतदाता सूची “बेदाग” लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। उन्होंने विपक्षी दलों से पूछा कि मतदाता सूचियों को शुद्ध क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
भाजपा नेता ने ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों से लोकतंत्र का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा, ”देश आज विपक्ष से यह सवाल पूछ रहा है। मृत व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में क्यों होने चाहिए? गैर-नागरिकों के नाम क्यों शामिल किए जाने चाहिए? एक ही नाम दो जगहों पर क्यों होना चाहिए?” वहीं, भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (गांधी) की आलोचना की और उनपर उच्चतम न्यायालय को गलत तरीके से उद्धृत करके “भ्रम” फैलाने और “अपनी राजनीति को बढ़ावा देने” की कोशिश करने का आरोप लगाया।
उच्चतम न्यायालय में सोमवार को हुई एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि अदालत ने यह नहीं कहा कि फॉर्म-छह अवैध था। इससे पहले, गांधी ने ‘एक्स’ पर दावा किया था कि अब यह संदेह से परे स्थापित हो चुका है कि सीईसी ने फॉर्म-छह को “अवैध रूप से और एकतरफा” बदल दिया।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए लोग फॉर्म-6 का इस्तेमाल करते हैं। भाजपा सांसद ने कहा, ”उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। उसने सिर्फ नोटिस जारी किए हैं। अभी तक सुनवाई भी नहीं हुई है। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने कहा है कि जब सुनवाई होगी, तब मामले की जांच की जाएगी। फिर भी, राहुल गांधी देश में अराजकता, झूठ, छल और भ्रम का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि गांधी न्यायालय का हवाला देकर “अपनी राजनीति चमकाने” की कोशिश कर रहे हैं और उसका गलत उद्धरण दे रहे हैं।
पात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल, खासकर कांग्रेस, केंद्र की सत्ता से भाजपा को हटाने और राहुल गांधी को इसके लिए मेहनत किए बिना शीर्ष पद तक पहुंचाने के लिए एक सुनियोजित प्रयास में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा, ”कांग्रेस हरसंभव तरीके से राहुल गांधी को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश करती रही है। जब, कई प्रयासों के बावजूद, वह अपनी पकड़ बनाने में विफल रहे, तो कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगियों ने तय किया कि भले ही इसके लिए अराजकता का सहारा लेना पड़े तथा देश के लोकतंत्र को कमजोर करना पड़े, वे किसी भी कीमत पर राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से लॉन्च करेंगे।”
पात्रा ने कहा, “इन प्रयासों के तहत, उन्होंने समय-समय पर भारतीय सेना, उच्चतम न्यायालय, ंिहदुओं और ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोंिटग मशीनों) को निशाना बनाया और पिछले कुछ हफ्तों से, वह निर्वाचन आयोग पर हमला कर रहे हैं।” भाजपा के एक और प्रवक्ता, सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्षी पार्टियों की “सड़कों पर की जा रही नौटंकी” की आलोचना की और कांग्रेस से पूछा कि वह “अनुपस्थित, दूसरी जगह चले गए, मृत और दोहराव वाले” मतदाताओं के तौर पर पहचाने गए लोगों के सत्यापन के बिना उन्हें मतदान का अधिकार देकर किसका फायदा करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और के.सी. वेणुगोपाल समेत कांग्रेस नेताओं ने कई मौकों पर दोहराव वाले और अस्तित्वहीन मतदाताओं का मुद्दा उठाया है और मतदाता सूची को ठीक करने की मांग की है। राज्यसभा सदस्य ने कहा, “अब, जब मतदाता सूचियों को ठीक किया जा रहा है, तो वे हंगामा मचा रहे हैं और निर्वाचन आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।” त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, जो “अंदर से एक वंशवादी व्यवस्था” है और लोकतांत्रिक राजनीतिक दल होने का दिखावा करती है, पिछले 12 सालों से न्यायपालिका समेत “लोकतंत्र के हर स्तंभ” पर “बेबुनियाद, बेमतलब और बेतुके” आरोप लगा रही है, क्योंकि वह “असली लोकतंत्र” को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस पिछले कई दशकों से तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और ओडिशा समेत कई राज्यों में सत्ता से बाहर है और विपक्षी पार्टी के नेताओं से पूछा कि उसके पतन के लिए कौन जिम्मेदार है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि असलियत यह है कि राहुल गांधी खुद ‘कामचोर’ हैं और ‘वोट-चोरी’ के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि गांधी ने कितनी बार चुनाव वाले राज्य में कम से कम एक हफ्ते तक रहकर अपनी पार्टी के लिए प्रचार किया है?