देश की जानी मानी एक्टिविस्ट नेहा दास ने आज खुलासा किया है कि केन्द्र सरकार का नया यूजीसी एक्ट 13 जनवरी 2026 को ही लागू हो चुका है और बाकायदा भारतीय राजपत्र में प्रकाशित भी किया जा चुका है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को जवाब देते हुए कहा कि आप झूठ आप बोल रहे हैं! UGC 2026 नियम 13 जनवरी 2026 को लागू हो चुके थे! ये रहा gazetted regulations. आप मंत्री होकर गलत जानकारी दे रहे हैं? हमने तो इसके लागू होने के 2 दिन बाद ही इसको देखा और आवाज़ उठाई! और अब भी सुप्रीम कोर्ट ने इसको रोका हुआ है। सरकार तो अभी तक इसको वापिस लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाई!
दरअसल केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक खबर को शेयर करते हुए अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर लिखा कि ‘विपक्ष UGC को लेकर भ्रम फैलाना बंद करे। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार सबके हित और सामाजिक न्याय के लिए काम करती आई है और आगे भी इसी भावना के साथ काम करती रहेगी। समाज के किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होगा।
इसके बाद नेहा दास ने भारतीय राजपत्र की कॉपी जारी कर दी. हालांकि इसके पूरी तरह सही होने पर असमंजस बना हुआ है।
वाद की मूल वजह जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा में अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) को शामिल करना है. इसके पहले, ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) को रखा गया था.
हालांकि अभी यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़ा हुआ है और देशभर में इसका विरोध जारी है।