8वां वेतन आयोग कर्मचारियों और पेंशनर्स की मौजूदा जरूरतों को समझने के लिए लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में मीटिंग कर रहा है। अगली मीटिंग मुंबई में होगी। इससे पहले चेन्नई, दिल्ली, लखनऊ जैसे बड़े शहरों में मीटिंग हो चुकी है। 8वें पे कमीशन का गठन हुए लगभग 11 महीने का समय बीत चुका है। इस आयोग के पास अब बस 7 महीने का समय है। इस दौरान उसे अपनी रिपोर्ट को सरकार के पास जमा करना होगा। जिसके आधार पर केंद्र सरकार की तरफ से कर्मचारियों की सैलरी से जुड़ा फैसला किया जाएगा।
जानते चलें कि कुछ संगठनों ने मांग की है अगर कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत से अधिक हो जाए तो उसे बेसिक पे में मिला दिया जाए। साथ संगठनों की तरफ से साल भर में 4 बार डीए बढ़ाने की मांग हुई है। मौजूदा समय में सिर्फ दो बार ही महंगाई भत्ता बढ़ता है। एक बार जनवरी और दूसरी बार जुलाई में। आयोग के साथ हुई मीटिंग में कई संगठनों ने डीए मर्जर की डिमांड की है। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत का डीए मिल रहा है। बता दें, अब कर्मचारी संगठनों की तरफ से डीए मर्जर को लेकर ऐलान की मांग हो रही है।
बेसिक पे अधिक हो : महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन और आल इंडिया डिफेंस एप्लॉयीज फेडरेशन ने मिनिमम बेसिक पे को बढ़ाने की मांग की है। वहीं, NC-JCM ने मिनिमम बेसिक पे 69000 रुपये करने की डिमांड की है। महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से मिनिमम बेसिक पे को 65000 रुपये करने की बात कही गई है।
4% कम से कम बढ़े डीए : महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन ने 8वें वेतन आयोग से मिनिमम 4 प्रतिशत डीए बढ़ोतरी के प्रवाधान की मांग की है। वहीं, एनसी-जेसीएम ने महंगाई से जुड़ा डीए बढ़ोतरी की डिमांड की है।
फिटमेंट फैक्टर : IRTSA ने अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। इस संगठन की तरफ से फिटमेंट फैक्टर 2.92, 3.50 और 3.80 करने की मांग हुई है। बता दें, अबतक फिटमेंट फैक्टर या डीए आदि को लेकर आयोग की तरफ से कोई भी ऐलान नहीं हुआ है।
अब देखना है कि इस बार कितना फिटमेंट फैक्टर तय किया जाता है। डीए को लेकर भी क्या कोई स्पेशल ऐलान देखने को मिलेगा या नहीं। 8वें वेतन आयोग की तरफ से जो भी फैसला होगा उसका असर 50 लाख कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स पर सीधा पड़ेगा।