नासा का 1.5 टन वजनी टेलीस्कोप इस हफ्ते वापस पृथ्वी की ओर आ रहा है और किसी को नहीं पता कि यह कहाँ गिरेगा!
ऑर्बिट में इसे बचाने की कोशिश नाकाम रहने के बाद, मशहूर ‘नील गेहरेल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी’ अब अनियंत्रित होकर, आग के गोले की तरह पृथ्वी के वायुमंडल में वापस आ रहा है।
सौर खिंचाव (सोलर ड्रैग) बढ़ने की वजह से 22 साल पुराना यह अंतरिक्ष प्रहरी नीचे की ओर आ गया है। हालाँकि इसका ज़्यादातर हिस्सा जलकर भाप बन जाएगा, लेकिन जो मलबा बचेगा, उसके खुले समुद्र में गिरने की संभावना है। क्या अंतरिक्ष एजेंसियों को पुराने हो रहे सैटेलाइट्स को सुरक्षित तरीके से ऑर्बिट से हटाने के लिए और ज़्यादा प्रयास करने चाहिए?
ताज़ा जानकारी यह है कि अमेरिकी स्पेस फोर्स के अनुसार, नासा की ‘स्विफ्ट’ वेधशाला बुधवार, 4 नवंबर को तड़के लगभग 3:30 बजे (लीमा समय) वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेगी। इसमें ±11 घंटे का अंतर हो सकता है।
इसके अवशेष 20.6° उत्तर और 20.6° दक्षिण अक्षांशों के बीच गिर सकते हैं—एक ऐसा क्षेत्र जिसमें पूरा पेरू शामिल है। इस अंतरिक्ष यान का वजन लगभग 1,450 किलोग्राम है, और किसी व्यक्ति के घायल होने का जोखिम 2,100 में से 1 है।
इसका अधिकांश हिस्सा वायुमंडल में ही जल जाएगा, और पूरी संभावना है कि इसके टुकड़े समुद्र में गिरेंगे।
सूर्य के नजदीक पहुंचा पार्कर
NASA द्वारा सूर्य के अब तक के सबसे नज़दीक से लिए गए दृश्य सामने आए हैं।
यह NASA के Parker Solar Probe की तस्वीरों की बात है।
कुछ हैरान करने वाले तथ्य यह है कि 24 दिसंबर 2024 को इसने सूर्य के बेहद करीब से उड़ान भरी। यह सूर्य की सतह से मात्र 38 लाख मील (लगभग 61 लाख किलोमीटर) दूर पहुँचा।
इसने सूर्य के बाहरी वातावरण (Corona) की बेहद नज़दीकी तस्वीरें लीं। यह अब तक सूर्य के सबसे करीब पहुँचने वाला मानव निर्मित अंतरिक्ष यान था।
सूर्य की सतह पर अब तक का सबसे नजदीक का वीडियो